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पेरू में फ्लूरोना से 87 वर्षीय व्यक्ति की मौत, जानें क्या है फ्लूरोना और कैसे होते हैं इसके लक्षण

पेरू देश में फ्लूरोना (Fluorona) यानी फ्लू और कोरोना के मिश्रण से होने वाले संक्रमण से एक 87 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसे पहले से ही कई बीमारियां थी और उसे कोरोना का टीका नहीं लगा था। क्या है फ्लूरोना और इसके लक्षण जानें यहां....

Written by Anshumala |Updated : January 7, 2022 12:47 PM IST

What is Fluorona symptoms in Hindi: आजकल पूरी दुनिया में कोरोनावायरस के नए-नए स्ट्रेन जैसे डेल्टा, ओमिक्रोन ने तबाही मचाई हुई है, तो वहीं कई दूसरे वायरस, बैक्टीरिया, बीमारियां भी आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। हाल ही में पेरू देश में 'फ्लूरोना'  (Fluorona) ने दस्तक दी है। बताया जा रहा है कि फ्लूरोना फ्लू और कोरोना संक्रमण (Flu and corona infection) का मिश्रण है। कोई व्यक्ति जब फ्लू और कोरोना से एक साथ संक्रमित हो जाए, तो उसे फ्लूरोना (What is Fluorona) कहते हैं। पेरू के स्वास्थ्य मंत्रालय (First death due to fluorona in Peru) ने जानकारी दी है कि एक 87 वर्षीय व्यक्ति की मौत फ्लूरोना से हुई है। इस बुजुर्ग व्यक्ति को पहले से ही कई बीमारियां थीं और उसने कोरोनावायरस का टीका भी नहीं लगवाया था। गौरतलब है कि पेरू ने मंगलवार को देश में कोरोनावायरस की तीसरी लहर की घोषणा की थी, जो दिसंबर में ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) के आने से तेज हुई है। जानते हैं क्या है फ्लूरोना और इसके लक्षणों (Fluorona symptoms) के बारे में यहां...

इन्फ्लूएंजा और कोरोना का मिश्रण है फ्लूरोना

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के नेशनल सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी, प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ डिजीज के एक शोधकर्ता सीजर मुनायको के हवाले से बताया कि मरने वाला व्यक्ति उत्तरी पेरू के अमेजन क्षेत्र में पाए गए फ्लूरोना के तीन मामलों में से एक है। मुनायको का कहना है कि अन्य दो मामलों में एक नाबालिग और एक 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल है। इन दोनों ही व्यक्तियों को कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें लग चुकी हैं।

फ्लूरोना के लक्षण (Symptoms of Fluorona)

इन संक्रमित व्यक्तियों में फ्लूरोना के बेहद ही कॉमन लक्षण पाए गए, जो काफी हद तक फ्लू, कोरोना में नजर आने वाले लक्षणों की तरह ही हैं। इनमें खांसी, गले में खराश और सामान्य अस्वस्थता जैसे लक्षण नजर आए थे। शोधकर्ता सीजर मुनायको ने लोगों से आग्रह किया है कि कोरोना (Corona) और इन्फ्लूएंजा (Influenza) के खिलाफ वैक्सीन जरूर लगवा लें। ऐसा इसलिए, क्योंकि टीका लगाने के बाद मौत का जोखिम कम हो जाता है।

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क्यों दिया गया फ्लूरोना नाम?

कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही लोग फ्लू से भी ग्रस्त हो रहे हैं। ये दोनों ही बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे को-इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ रही है, इसी कारण इसे फ्लोरोना नाम दिया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल में एक महिला को कोरोना और फ्लू दोनों से ही संक्रमित पाया गया था। उसमें बहुत ही हल्के लक्षण नजर आए थे। इतना ही नहीं, वह प्रेग्नेंट थी और कोविड का टीका भी नहीं लिया था। हालांकि, एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि फ्लूरोना होने की संभावना बहुत ही कम है और होता भी है, तो यह स्वस्थ व्यक्ति में बहुत अधिक गंभीर साबित नहीं होगा।

फ्लूरोना होने पर क्या करें?

यदि आप हेल्दी हैं, आपको कोई भी दूसरी बीमारी नहीं है, तो आपको फ्लूरोना से अधिक डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह अधिक गंभीर साबित नहीं होगा। फिर भी आपको कोरोना और फ्लू है, तो इसके लक्षणों को पहचानकर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। भरपूर आराम करें। खुद को हाइड्रेटेड रखें। शरीर दर्द और बुखार को दूर करने के लिए डॉक्टर जो भी दवा देता है, उसे लेते रहें। किसी भी तरह के कोरोना और फ्लू के गंभीर लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। सांस लेने में तकलीफ हो, ऑक्सीजन 92 से कम हो, बुखार 102-103 से कम ना हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। होम क्वारंटाइन, कोरोना प्रोटोकॉल का नियमित रूप से पालन करें।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।)

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