
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : July 21, 2021 11:31 AM IST
एवियन इन्फ्लूएंजा के शिकार इंसान पर मौत का खतरा भी होता है।
Bird flu in India: पक्षियों को प्रभावित करने वाले बर्ड फ्लू ने इंसानों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। दिल्ली के एम्स अस्पताल (Delhi AIIMS) में बर्ड फ्लू (H5N1 avian influenza) के कारण एक बच्चे की मौत हो गई है। बर्ड फ्लू के संक्रमित होने के कारण 11 साल के लड़के को 2 जुलाई को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, इलाज के बावजूद बच्चे की मौत हो गई है। एम्स का जो स्टाफ मरीज का इलाज कर रहा था उन सभी को आइसोलेशन में रख दिया गया है। ताकि अगर उनमें से कोई संक्रमित हो तो आइसोलेट रहकर अपना इलाज कर पाए। बताया जा रहा है अस्पताल में भर्ती होते वक्त लड़के को बुखार और खांसी की दिक्कत थी। अस्पताल के सूत्र का कहना है कि उन्हें पहले लगा कि लड़का कोरोना से संक्रमित है। "जब लड़के का कोरोना टेस्ट किया गया तो वो नेगेटिव आया। लेकिन जब आगे की जांच की गई तो पता चला कि बच्चा एवियन या पक्षी मूल के इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाले संक्रमण से पीड़ित था।"
बर्ड फ्लू के नाम से पॉपुलर यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस H5N1 की वजह से होती है। यही कारण है कि बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (Avian Influenza Virus) भी कहते हैं। यह वायरल वायरस वैसे तो पक्षियों को अपना शिकार बनाता है लेकिन इंसान भी इससे संक्रमित हो सकता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन, टर्की, गीस, मोर और बत्तख जैसे पक्षियों में तेजी से फैलता है। यह इन्फ्लूएंजा वायरस इतना खतरनाक होता है कि इससे इंसान व पक्षियों की मौत भी हो सकती है। बर्ड फ्लू के लक्षण की जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। क्योंकि कुछ लोग बर्ड फ्लू के शिकार हो जाते हैं लेकिन उन्हें इस बारे में पता भी नहीं होता है। अभी तक बर्ड फ्लू का मुख्य कारण पक्षियों को ही माना जाता है। लेकिन कई बार यह इंसान से इंसान को भी हो जाता है। एवियन इन्फ्लूएंजा के शिकार इंसान पर मौत का खतरा भी होता है। अभी तक एच5एन1 (H5N1) और एच7एन9 (H7N9) को बर्ड फ्लू वायरस के ऐसे प्रकार माना जाता था जो इंसान को भी संक्रमित कर सकते हैं लेकिन अब इस लिस्ट में एच5एन8 (H5N8) भी शामिल हो गया है।
सामान्यतया इंसान में यह बीमारी मुर्गियों या संक्रमित पक्षी के बेहद निकट रहने से फैलती है। मुर्गी से अगर अपका संपर्क किसी प्रकार से होता है और वह इस वायरस के चपेट में होती है तो यह आपको भी हो जाता है। इंसानों में बर्ड फ्लू का वायरस आंख, नाक और मुंह के जरिए प्रवेश करता है।