उत्तर कोरिया में मिला कोविड-19 का पहला केस, Kim Jong Un सरकार ने की राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा

National emergency in North Korea: उत्तर कोरिया में कोविड-19 का पहला केस मिलते ही Kim Jong Un सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए सख्त एंटी कोविड नियमों को लागू किया है।

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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 12, 2022 10:23 AM IST

उत्तर कोरिया से यूं तो बहुत बार ऐसी खबर आई कि वहां कोरोना केस पाए गए, लेकिन आज तक वहां इस बाक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। लेकिन अब खबर है कि उत्तर कोरिया ने कोविड -19 के अपने पहले मामले की पुष्टि (first covid case in North Korea ) की है और वहां कि सरकार ने पहला मामला मिलते ही एंटी कोविड नियमों के साथ गंभीर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषण की है। उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने वायरस को खत्म करने की कसम खाई है और इसलिए उन्होंने तय किया है कि वो लॉकडाउन लगाने के साथ पूरे देश में कोविड नियमों को इतना सख्त रखेंगे कि ये मामले तेजी से बढ़ ना पाए।

कोविड -19 के मामलों को उत्तर कोरिया ने कभी पुष्टि नहीं की

परमाणु-सशस्त्र देश उत्तर कोरिया ने इससे पहले कभी भी कोविड -19 के मामले( North Korea covid-19) को स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, दूसरे देशों से कोरोना वायरस उनके देश में ना फैल जाए इसके लिए उन्होंने 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से अपनी सीमाओं की कठोर कोरोनावायरस नाकाबंदी लागू की है। आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की मानें तो, राजधानी में बुखार से पीड़ित मरीजों से लिए गए नमूने वायरस के अत्यधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) जैसा ही लग रहा है।

राष्ट्रपति किम जोंग उन हुए सख्त

राष्ट्रपति किम जोंग उन सहित शीर्ष अधिकारियों ने कोरोनावायरस के प्रकोप पर चर्चा करने के लिए एक संकट ब्यूरो की बैठक की और घोषणा (national emergency in north korea) की कि वे गंभीर राष्ट्रीय आपातकाल नियमों के साथ वायरस नियंत्रण करने की कोशिश करेंगे। केसीएनए के अनुसार किम ने बैठक में कहा कि हमारा लक्ष्य कम से कम समय में वायरस को जड़ को खत्म करना होगा।

इसी के साथ किम ने सख्त सीमा नियंत्रण और लॉकडाउन उपायों का आह्वान किया और नागरिकों को देश भर के सभी शहरों और काउंटी में अपने क्षेत्रों को पूरी तरह से अवरुद्ध करके वायरस के प्रसार को पूरी तरह से रोकने के लिए कहा। हालांकि, वहां सभी व्यावसायिक और उत्पादन गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा ताकि बीमारी का असर ज्यादा ना हो।

टीकाकरण के प्रस्तावों को किया था अस्वीकार

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि उत्तर कोरिया ने विश्व स्वास्थ्य संगठन और चीन और रूस के टीकाकरण के प्रस्तावों को अस्वीकार कर अपने 2.5 करोड़ लोगों में से किसी का भी टीकाकरण नहीं किया है। विशेषज्ञों ने कहा है कि उत्तर कोरिया की चरमराती स्वास्थ्य प्रणाली वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए संघर्ष करेगी।

बात दें कि दक्षिण कोरिया, जिसमें टीकाकरणकी उच्च दर है, ने हाल ही में लगभग सभी कोविड -19 प्रतिबंधों में ढील दी है और मार्च में ओमाइक्रोनवाले स्पाइक के बाद उनके यहां कोविड मामलों में तेजी से कमी भी आई है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने लंबे समय से वायरस को दूर रखने की अपनी क्षमता का दावा किया है। लेकिन, अब देखना ये होगा कि इन स्थितियों से उत्तर कोरिया अब आगे कैसे लड़ता है।

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