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Mpox Case In Germany: जर्मनी में एमपॉक्स वायरस (MPOX Virus) के नये वेरिएंट क्लेड 1बी (CLAD 1B) का सबसे पहला केस सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, अभी तक इस वेरिएंट से किसी भी तरह से संबंधित मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। जर्मनी के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (RKI) ने इन जानकारियों की पुष्टि की।
रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (आरकेआई) की आधिकारिक वेबसाइट पर मंगलवार को यह जानकारी प्रकाशित की गयी। इसमें बताया गया कि "RKI का यह भी आकलन है कि जर्मनी में एम पॉक्स वेरिएंट से संक्रमित होने का रिस्क आम लोगों में बहुत कम है। लेकिन, संस्थान एम पॉक्स वायरस से जुड़ी स्थिति पर नजर रख रहा है और जैसे-जैसे नयी जानकारियां सामने आएंगी और जैसी स्थिति होगी उस आधार पर उन सभी नयी जानकारियों का भी आंकलन किया जाएगा।"
आरकेआई की तरफ से यह भी बताया गया, “फिलहाल लोगों में संक्रमण फैलने के रिस्क और उससे जुड़े सभी आकलन इस तथ्य पर आधारित है कि एमपॉक्स संक्रमण एक संक्रमित व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से बहुत नजदीकी शारीरिक संपर्क से ही फैलता है।" वहीं, समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, RKI ने अभी तक यह नहीं बताया है कि संक्रमित व्यक्ति की की पहचान कब हुई और मरीज का नाम क्या है या उसकी हिस्ट्री क्या है।
संक्रमण से बचाव के बारे में बाद करते हुए आरकेआई ने कहा कि, उसका मानना है कि, फिलहाल बाजार में उपलब्ध वैक्सीन्स नये वेरिएंट क्लैड1 के खिलाफ कारगर हैं।
बता दें कि, ऑर्थोपॉक्स वायरस से जुड़ा हुआ एमपॉक्स वायरस सबसे पहले पश्चिमी और मध्य अफ्रीकी देशों में पाया गया और वहीं तेजी से इसका विस्तार हुआ। हालांकि, साल 2022 से ही यह वायरस यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में भी फैलने लगा था।
एमपॉक्स वायरस के दूसरे स्ट्रेन यानि क्लैड 2बी से होने वाला इंफेक्शन जर्मनी और अन्य देशों में भी पहुंचने की खबरें आ रही हैं।
अगस्त 2024 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एमपॉक्स को एक अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बताया था और इसे एक पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी भी कहा था।