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Written By: Yogita Yadav | Published : September 5, 2018 12:51 PM IST
डायबिटीज में पैरों का सुन्न होना हो सकता है जोखिम भरा। © Shutterstock
शुगर पीड़ित मरीजों को यदि पैरों में कोई परेशानी या सून्नपन महसूस हो तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वरना यह लापरवाही स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ सकती है और पैर गंवाने की नौबत भी आ सकती है।
एम्स के डॉक्टरों द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले 78.5 फीसद मरीज पैरों की परेशानी और उसके देखभाल का तरीका डॉक्टरों से नहीं पूछते। मरीजों के बिना पूछे डॉक्टर भी सलाह देने की जहमत नहीं उठाते।
एम्स अस्पताल के इंडोक्रिनोलॉजी विभाग में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में 48.2 फीसद बड़े अस्पतालों मे आने से पहले नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज करवाते हैं। बहुत कम लोग ही लगभग सात फीसद मरीज मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पतालों में पहुंचते हैं।
नहीं होते जागरुक
इसमें पाया गया है कि मधुमेह के मरीजों में पैरों की देखभाल के प्रति जागरूकता का नितांत अभाव है।
एम्स पहुंचने से पहले सिर्फ 12.5 फीसद मरीजों ने ही डॉक्टरों से पैरों की देखभाल संबंधी परामर्श लिए थे, बाकी मरीजों ने परामर्श ही नहीं लिया था। असल में वे जानते ही नहीं थे कि डायबिटीज के कारण उनके पैर भी बेकार हो सकते हैं। डॉक्टरों ने भी इस गंभीर समस्या को इतनी लापरवाही से लिया कि उन्होंने भी मरीजों को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया।
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एम्स के इंडोक्रिनोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. विवेका पी योत्सना ने कहा कि मधुमेह के मरीजों के पैरों में सुन्नपन की समस्या हो जाती है। ऐसे में पैरों में कोई जख्म या संक्रमण हो जाए तो उसे नजरअंदाज करने पर जख्म भरना मुश्किल हो जाता है।
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काटना भी पड़ सकता है पैर
इसके चलते संक्रमण हो जाता है। कई बार यह संक्रमण सेप्टिसिमिया का रूप ले लेता है और पैर काटने पड़ सकते हैं। संक्रमण अधिक बढ़ने पर जान जाने की भी नौबत आ जाती है, इसलिए मरीजों का जागरुक होना जरूरी है। यही वजह है कि हमने एक ऑडियो वीडियो तैयार किया है, जिसे अस्पताल में डिस्पले किया जाएगा।
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इसके जरिए मरीजों को पांव की परेशानियों और देखभाल के तरीके बताए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शुगर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली में 25 फीसद व्यस्क आबादी शुगर से पीड़ित है। देश भर में साढ़े छह करोड़ लोग शुगर के मरीज हैं।