व्रत में आलू खाने से हो गई है पेट में गर्मी, तो अपनाएं ये उपाय

लगातार गर्म तासीर वाली चीजें खाने से पेट में कब्‍ज और गर्मी की समस्‍या हो सकती है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : October 18, 2018 1:27 PM IST

व्रत के दौरान खाया जाने वाला फलाहार अमूमन गर्म तासीर वाली चीजों का बना होता है। आलू हों या कुट्टू का आटा, इन सबकी तासीर गर्म ही मानी जाती है। वहीं कई बार स्‍नैक्‍स के तौर पर सूखे मेवे भी खाए जाते हैं। इन चीजों का लगातार सेवन करने से पेट में गर्मी बनने लगती है। अगर आप भी ऐसा महसूस कर रहे हैं तो अपनाएं ये तरीके।

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ये हैं पेट की गर्मी के लक्षण

  • कब्ज होना
  • सिर दर्द होना
  • पेट में गैस का बनना
  • छाती या सीने में हर समय जलन होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • मुंह में खट्टा पानी और खट्टी डकारें आना
  • घबराहट और उल्टी जैसा महसूस होना
  • पेट में हर समय जलन और दर्द होना
  • गले में जलन होना
  • पेट का फूल जाना (पेट में अफ़ारा होना)

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पेट की गर्मी के कारण

  • लंबे समय तक गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करना।
  • बहुत तेज़ मिर्च और मसालों वाला भोजन नियमित रूप से करना।
  • सिर्फ मांसाहारी आहार ही लेना।
  • शराब और सिगरेट का अत्यधिक सेवन करना।
  • कुछ पेन किलर, दवाइयाँ अपनी मर्जी से लेना।
  • खाने का सही समय निर्धारित न होना।
  • चाय-काफी का अधिक सेवन करना।
  • गतिहीन और अनियमित जीवनशैली का पालन करना

buttermilk-chhachh छाछ पीने से पेट की गर्मी भी शांत होती है। © Shutterstock

ऐसे रखें पेट को ठंडा 

पेट को ठंडा रखने के लिए हमें सबसे पहले अपने खान-पान के तरीकों में बदलाव लाना होगा। पेट को ठंडा रखने के लिए करें ये उपाय-

  • केला खाएं - पेट की गर्मी को शांत करके उसे ठंडा रखने में केला बहुत मदद करता है। केले के पोटेशियम की मात्रा पेट में बनने वाले एसिड को नियंत्रित करती है और केले का पी एच तत्व एसिड को कम करता है। साथ ही केला, पेट में एक चिकनी परत बना देता है जिससे एसिडिटी में कमी आती है। केले का फाइबर पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है।
  • तुलसी के पत्तों का सेवन - तुलसी के पत्तों का सेवन करने से पेट में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पेट के अतिरिक्त ऐसिड में कमी आती है। इसे खाने से मिर्च-मसाले वाला खाना भी सरलता से पच जाता है। रोज खाने के बाद पांच-छह तुलसी के पत्ते खाने से एसिडिटी नहीं होती है।
  • ठंडा दूध पियें - दूध का कैल्शियम, पेट के एसिड को एब्जॉर्ब करके उसे बहुत आसानी से ख़त्म कर देता है। रोज सुबह एक कप ठंडा दूध पेट को ठंडा रखने का रामबाण इलाज है।
  • सौंफ खाएं - खाना खाने के बाद सौंफ का सेवन इसलिए अच्छा माना जाता है क्योंकि सौंफ की तासीर ठंडी होती है जो पेट की जलन और गरमी को शांत करती है। इसलिए अगर एसिडिटी की शिकायत ज्यादा हो तो सौंफ को पानी में उबालकर उसका सेवन करें।

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  • खिचड़ी खाएं - हो सके तो एक वक्‍त खिचड़ी खाएं। यह सुपाच्‍य भी होती है और इससे पेट की गर्मी में भी आराम मिलता है।
  • ज़ीरा खाएं - आयुर्वेद में ज़ीरे को पेट के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इसकी सहायता से पेट में लार बनती है जिससे खाना पचने में मदद मिलती है और एसिड न बनने के कारण पेट भी ठंडा रहता है।
  • पुदीने के पत्ते खाएं - पुदीने के पत्ते माउथ फ्रेशनर के साथ ही पेट के एसिड को कम करके पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. इसलिए पुदीने के पत्ते ऐसे ही खा लें या फिर पानी में उबाल कर लें।
  • छाछ - अपनी डायट में छाछ को शामिल करें। यह पेट की गर्मी से आराम दिलाती है।
  • आंवला का करें सेवन - विटामिन सी का उत्तम सोर्स होने के कारण आंवला पेट की परेशानियों में भी लाभकारी है। नियमित रूप से आंवला लेने से पेट में गर्मी नहीं होती है और पेट ठंडा रहता है।
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