
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
First Pill For Postpartum Depression : महिलाएं अपने जीवनकाल में कई तरह की समस्याओं से जूझती है, जिसमें न सिर्फ पीरियड्स का दर्द शामिल है। बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान कई तरह के शारीरिक बदलाव और डिलीवरी के बाद होने वाली समस्याएं भी शामिल हैं। इन समस्याओं में पोस्टपार्टम डिप्रेशन भी शामिल है। यह एक मानसिक परेशानी है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान या फिर बच्चे के जन्म के बाद के 1 वर्ष तक हो सकती है। इस समस्या में महिलाओं की सोचने, कार्य करने की क्षमता और महसूस करने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति से जूझ रही महिलाओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, अमेरिका ने पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लिए पहली दवा को मंजूरी दे दी है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए)ने बीते शुक्रवार को इस दवा को पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लिए पहली गोली के तौर पर मंजूरी दे दी है, जो कई महिलाओं के लिए एक राहत भरी खबर है। बता दें कि हर साल अमेरिका में लगभग पांच लाख से अधिक महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस दवा के आने के बाद से कई महिलाओं को इस डिप्रेशन से छुटकारा मिल सकेगा।
पोस्टपार्टम डिप्रेशन के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए इस दवा को मंजूरी मिल गई है, जिसका नाम 'ज़ुर्ज़ुवे' है। इस दवा को दिन में 1 बार 14 दिनों तक खाने की सलाह दी जा सकती है।
एफडीए के मनोचिकित्सक डॉ. टिफनी फार्चियोन ने कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान या फिर प्रेग्नेंसी के बाद महिलाएं मानसिक परेशानियों से गुजर रही होती हैं, जिसमें कई जीवन घातक भावनाएं भी शामिल हैं। ऐसे में यह दवा उन महिलाओं के लिए काफी अच्छा विकल्प हो सकता है।
एक अनुमान के मुताबिक, प्रति वर्ष 4 से 5 लाख महिलाएं प्रेग्नेंसी या फिर डिलीवरी के बाद पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझती हैं। हालांकि, यह परेशानी अक्सर कुछ ही सप्ताह में ठीक हो जाती है। वहीं, कुछ महिलाओं को कई महीनों और वर्षों तक यह समस्या बनी रहती है।
एफडीए के अनुसार, पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षणों में उदासी महसूस करना, एनर्जी में कमी होना, आत्मघाती विचार, खुशी महसूस करने की क्षमता में कमी होना इत्यादि शामिल हैं।
कैरट फर्टिलिटी की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. असीमा अहमद ने कहा कि " हर आठ में से एक महिलाओं को इस दौर से गुजरना पड़ता है, जिसमें से इन लक्षणों की रिपोर्ट करने वालों में से 75 प्रतिशत का इलाज नहीं किया जाता है। "
एंटी- डिप्रेशन दवा देने वालों के शरीर में कुछ साइड-इफेक्ट्स नजर आ सकते हैं, जिसमें अचानक तेजी से वजन बढ़ना, सोने में परेशानी महसूस करना, मतली, स्किन पर चकते, जोड़ों का दर्द, मांसपेशी में दर्द, डायरिया इत्यादि शामिल हैं।