
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : October 13, 2025 8:19 PM IST
देश में दिवाली, भाईदूज और छठ पूजा की धूम की शुरुआत हो चुकी है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की मांग को देखते हुए देश के विभिन्न कोने में मिलावटखोर भी एक्टिव हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSSAI) ने नोएडा में मिलावटी पनीर और दूध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 550 किलोग्राम मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट कर दिया। FSSAI द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट में कहा गया है, नोएडा में यह पनीर हरियाणा के मेवात (हथीन) के जंगी मिल्क प्लांट से दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई के लिए लाया जा रहा था। जांच के दौरान FSSAI के अधिकारियों ने पाया कि पनीर देखने में खराब लग रहा है और इससे बदबू भी आ रही थी। ऐसे में अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया और पनीर को सीज कर लिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के सीजन में नकली पनीर और खोया बनाने में रसायन, डिटर्जेंट, डालडा और सिंथेटिक सुगंध का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में किया जाता है। गौर करने वाली बात ये है कि ये पनीर देखने में बिल्कुल असली जैसा ही लगता है। लेकिन कोई व्यक्ति इसे खाता है, तो उसे कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा रहता है। नोएडा में इतनी बड़ी मात्रा में नकली पनीर जब्त करने के बाद FSSAI की टीम पूरे देश में मिलावटी खाद्य पदार्थों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
नकली पनीर असली दूध से नहीं, बल्कि सस्ता और हानिकारक रासायनिक पदार्थों या वनस्पति तेलों से बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम बहुत कम होता है और कई बार इसमें मिलावट के ज़रिए इसकी बनावट को पनीर जैसी बना दिया जाता है। आम तौर पर नकली पनीर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर नकली पनीर को बनाने के लिए वनस्पति तेल या डलडा, डिटर्जेंट जैसे रसायन (कठोरता के लिए) और सिंथेटिक पदार्थ (लंबे समय तक टिकाने के लिए) का इस्तेमाल किया जाता है।
नकली पनीर में मौजूद हानिकारक रसायन और घटिया गुणवत्ता के कारण शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे मेंः-
1. नकली पनीर में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल और रसायन पचने में बहुत कठिन होते हैं। नकली पनीर से बनीं सब्जी या कोई भी अन्य चीज खाने से पेट में दर्द, दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में नकली पनीर खाने से गंभीर पाचन से जुड़ी बीमारी हो सकती है, जिसे ठीक होने में कई सालों का समय लग सकता है।
2. नकली पनीर में कई बार डिटर्जेंट और यूरिया जैसे जहरीले पदार्थ मिलाए जाते हैं। ये पदार्थ सीधे लीवर और किडनी पर असर डालते हैं। FSSAI की एक रिपोर्ट बताती है कि 2012 में नकली पनीर खाने से 2 हजार से ज्यादा लोगों को लीवर से जुड़ी परेशानी हुई थी।
3. वनस्पति तेल में बने नकली पनीर में ट्रांस फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को घटाता है। ट्रांस फैट ज्यादा होने के कारण नकली पनीर खाने से ब्लड प्रेशर ट्रिगर हो सकता है और ये गंभीर दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
4. नकली पनीर में कोई भी पोषण तत्व नहीं होते, बल्कि हानिकारक केमिकल्स होते हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर हो जाती है। इसका नतीजा ये होता है कि आपको अक्सर सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी परेशानियां होती हैं। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से भी बचाव मुश्किल हो जाता है।
5. असली पनीर में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। लेकिन नकली पनीर में कैल्शियम बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता है। उल्टा नकली पनीर में यूरिया और डिटर्जेंट मिलाया जाता है। जिसके कारण इस तरह का पनीर खाने से आपकी हड्डियां और दांत कमजोर हो सकते हैं।