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छोटे बच्चों में बढ़ रहा आंखों का संक्रमण, स्कूल प्रशासन सतर्क, एक्सपर्ट से जानिए लक्षण और बचाव

छोटे बच्चों में बढ़ रहा आंखों का संक्रमण, स्कूल प्रशासन सतर्क, एक्सपर्ट से जानिए लक्षण और बचाव

डॉक्टर के अनुसार, आई फ्लू गंभीर नहीं है और एक या दो सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है। हालांकि आपको इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

Written by Atul Modi |Updated : July 26, 2023 4:29 PM IST

राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में आंखों के संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है। संक्रमण की चपेट में छोटे बच्चे भी देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली के स्कूलों ने पिछले 3 से 4 दिनों के दौरान आंखों के संक्रमण के बढ़ते मामलों की सूचना दी है। कुछ स्कूलों में संक्रमण के लक्षणों की जांच कर प्रतिदिन 10 से 12 बच्चों को वापस घर भेजा जा रहा है।

पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली के सेंट मैरी स्कूल की प्रिंसिपल एनी कोशी ने कहा है कि, जो बच्चे आंखों के संक्रमण से पीड़ित हैं उनमें ज्यादातर कक्षा 4 से कक्षा 7 तक के बच्चे हैं हालांकि वह 3 से 4 दिन के भीतर ठीक भी हो रहे हैं।

दरअसल, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कंजेक्टिवाइटिस और अन्य आंखों के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं कई डॉक्टरों ने चेतावनी भी दी है कि यह काफी गंभीर है और इसके प्रसार को रोकने के लिए उचित हाइजीन बनाए रखने की आवश्यकता है।

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शारदा हॉस्पिटल (ग्रेटर नोएडा) के आई स्पेशलिस्ट और एचओडी डॉ. जेएल गोयल ने बताया कि आई फ्लू को मेडिकल भाषा में 'पिंक आई' और 'कंजंक्टिवाइटिस' भी कहा जाता है। डॉक्टर ने बताया कि आई फ्लू फैलने का कारण गंदे पानी में नहाने/भीगने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन हो सकता है।

आई फ्लू के लक्षण - Symptoms of Eye Flu In Hindi

डॉक्टर के अनुसार, आई फ्लू गंभीर नहीं है और एक या दो सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है। हालांकि आपको इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • आंखों का लाल होना
  • आंखों में सफेद रंग की मैल
  • आंखों से पानी बहना
  • आंखों में सूजन
  • आंखों में खुजली और दर्द

आई फ्लू से बचने के उपाय - Prevention of Eye Flu In Hindi

  • काला चश्मा पहनकर रखे
  • टीवी या मोबाइल से बचें
  • आंखों को बार-बार न छुएं
  • आंखों को क्लीन करने के लिए साफ कपड़े का इस्तेमाल करें
  • आंखों को छूने के बाद हाथों को साबुन से धोएं
  • किसी से आई कांटेक्ट न बनाएं
  • लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लें