
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 8, 2021 10:01 AM IST
वर्तमान में सरकार ने कोरोना वैक्सीन की 2 डोज के बीच 28 दिनों का अंतर रखा है।
भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन अभियान जोरों पर है। 16 जनवरी से देशभर में कोरोना का टीका लगना शुरू हो चुका है और आज की तारीख में लाखों लोग कोरोना वैक्सीन लगा चुके हैं। वर्तमान में सरकार ने कोरोना वैक्सीन की 2 डोज के बीच 28 दिनों का अंतर रखा है। लेकिन कोविशील्ड (Covishield Vaccine) पर हुई नई रिसर्च ने सुझाव दिया है कि इस वैक्सीन की 2 डोज के बीच 28 दिन के बजाय कम से कम 6-12 हफ्तों का गैप होना चाहिए। रिसर्च का कहना है कि अगर कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) की 2 डोज के बीच 2 से 3 महीनों का गैप रहेगा तो वैक्सीन ज्यादा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शोधकर्ताओं ने सरकार से इस रिसर्च पर ध्यान देने और इसे अमल में लाने की अपील की है।
यूके में हुई इस रिसर्च में कहा गया है कि कोविशील्ड (Covishield Vaccine) की सिंगल डोज महज 76% तक प्रभावित रही जब वैक्सीन के बीच लगभग 30 दिनों का अंतर था। लेकिन वैक्सीन की प्रभावशीलता तब 82 फीसद हो गई जब दूसरी डोज को 12 हफ्ते के बाद फिर से दिया गया। लेकिन जब दूसरी पहली और दूसरी डोज में सिर्फ 6 हफ्तों का अंतर था तो वैक्सीन की प्रभावशीलता घटकर 54.9% हो गई। कंसलटेंट फिजिशियन डॉक्टर मनोहर के एन का कहना है कि उनकी अभी दूसरी डोज बाकी है। ऐसे में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) की दो डोज के बीच में अंतर को बढ़ाया जाए।
फिजिशियन डॉक्टर मनोहर के एन का कहना है "वैक्सीन के बीच कितना गैप होना चाहिए ये जल्द से जल्द क्लीयर होना चाहिए। हेल्थकेयर वर्कर्स को अगर इस बात का साफ साफ पता नहीं होगा कि वैक्सीन के बीच कितना गैप होना चाहिए तो वो वैक्सीन नहीं लगाएंगे। ऐसे में आम लोगों का भी वैक्सीन से विश्वास उठ जाएगा। इस स्थिति में अभी तक वैक्सीन को लेकर सरकार और जनता ने जो कोशिश की है वो भी बेकार हो जाएगी। इसलिए जरूरी है कि केंद्र सरकार वैक्सीन के बीच के गैप को जल्दी से जल्दी क्लीयर करे, ताकि जोग इस वैक्सीन अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लें।"
वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ और स्टेट एक्सपर्ट कमेटी के मेंबर डॉ गिरिधर बाबू ने भी कहा कि सरकार को कोविशिल्ड की दूसरी खुराक के बीच 12 सप्ताह के गैप पर विचार करना चाहिए। डॉ गिरिधर बाबू का कहना है कि भारतीय वैज्ञानिकों ने अभी तक वैक्सीन की प्रभावशीलता को 28 दिनों से ज्यादा टेस्ट नहीं किया है। उन्होंने कहा "मैनें शुरू से ही वैक्सीन के बीच 12 हफ्ते का गैप रखने की बात कही है। कोविशील्ड वैक्सीन की बात करें तो इसके बीच में भी 12 हफ्तों का गैप होना चाहिए। "
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