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Written By: Anshumala | Published : November 25, 2021 8:47 PM IST
Pfizer Coronavirus Jab for Children: देश में बच्चों के लिए कोरोनावायरस वैक्सीन (Corona vaccine for children) पर अभी भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। वैक्सीन लॉन्च होने की कोई डेट तय नहीं की गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि पहले गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों को टीका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, अगस्त महीने में जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCoV-D को इमरजेंसी उपयोग के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। यह वैक्सीन 12 से 17 वर्ष के बच्चों को लगाई जाएगी। बच्चों के लिए वैक्सीन लॉन्च करने की रेस में कोविडशील्ड, कोवैक्सीन, फाइजर, स्पुतनिक-वी भी शामिल हैं। अप्रूवल मिलते ही 2-18 वर्ष के बच्चों को टीका लगने लगेगा। रूस की स्पुतनिक-वी इंजेक्शन नहीं, बल्कि नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन है, जिसका ट्रायल अभी जारी है।
विदेशों की बात करें तो कई देश बच्चों को कोरोना टीका लगा रहा है। इसमें क्यूबा, चीन, ब्रिटेन, अमेरिका, इजरायल, थाईलैंड, कंबोडिया, डेनमार्क, फ्रांस जैसे देश 12 से 17 वर्ष के उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत कर चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, यूरोपीय संघ (EU) के दवा नियामक ने गुरुवार को 5 से 11 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए फाइजर (Pfizer coronavirus jab for children) के कोरोनावायरस जैबको मंजूरी दे दी है। इससे अब बड़े समूह में बच्चों को वैक्सीन लगाई जाएगी, क्योंकि यूरोप में कोविड-19 वायरस तेजी से फैल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री क्रिस फेयरने (Health Minister Chris Fearne) का कहना है कि माल्टा ने पहले ही टीके की आपूर्ति का आदेश दे दिया है और संभवत: ये एक-दो सप्ताह के अंदर ही पहुंच जाएंगे। सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधीक्षक, चार्मेन गौसी ने कहा है कि बच्चों के लिए टीके की खुराक वयस्कों के लिए नियमित खुराक का एक तिहाई है।
अमेरिका की फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने मिलकर कोरोनावायरस का टीका तैयार किया है। देश में 12 वर्ष से बड़े लोगों को फाइजर वैक्सीन दी जा रही है। फिलहाल, 5 से 11 वर्ष के बच्चों को टीका लगाने के लिए अभी भी कंपनी को अप्रूवल नहीं मिला है। इसके साथ ही ब्रिटेन में भी 12 से 15 साल के बच्चों को फाइजर वैक्सीन लगाई जा रही है। कई अन्य देश में भी बच्चों को फाइजर वैक्सीन दी जा रही है और प्रभावी भी साबित हुई है।
यूरोप में दोबारा से कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। डब्लूएचओ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द से जल्द कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में लगभग 20 लाख लोगों की जान चली जाएगी। फाइजर-बायोएनटेक के इस टीके को ईएमए की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा यूरोपीय कमीशन से भी अप्रूवल की जरूरत है। उसके बाद ही इस टीके का उपयोग शुरू होगा।