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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 5, 2021 12:28 PM IST
वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके करीब एक तिहाई को लोगों को हो सकता है कोरोना, इंग्लैंड की स्टडी में दावा नहीं रुकेगा कोरोना
वैक्सीन लगवाने के बाद अगर आप सोचते हैं कि आपको अब कोरोना छू नहीं पाएगा तो आपकी सोच बिल्कुल गलत है। जी हां, बुधवार को जारी हुए एक स्टडी के नतीजों से ये पता चला है कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बाद भी करीब एक-तिहाई लोग कोरोना का शिकार हो सकते हैं। इंग्लैंड में हुई इस स्टडी में ये पाया गया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद भी कोरोना टेस्ट कराने पर करीब एक-तिहाई लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
इंपीरियल कॉलेज लंदन और मार्केट रिसर्च कंपनी इप्सोस मोरी के वैज्ञानिकों द्वारा लंबे समय तक किए गए इस शोध के अभी हाल ही में नतीजे घोषित हुए हैं। ये निष्कर्ष, 24 जून से 12 जुलाई के बीच लिए गए 98,233 स्वैब टेस्ट पर आधारित थे। अध्ययन के मुताबिक, हर 160 व्यक्तियों के स्वैब टेस्ट में से एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया और कोरोना से संक्रमित होने की दर बिना वैक्सीन के लोगों में 1.21 प्रतिशत रही जबकि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले लोगों में ये दर 0.40 प्रतिशत रही।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन लोगों को टीका नहीं लगा है उनकी तुलना में वैक्सीन की दोनों डोजलगवाने वाले लोगों में वायरस को फैलाना की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है। हालांकि, ब्रिटेन में अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने 19 जुलाई को इंग्लैंड में सभी वायरस प्रतिबंधों में ढील देने के बाद सावधानी बरतने का आग्रह किया है, जिसमें घरों के भीतर मास्क पहनने की कानूनी आवश्यकता भी शामिल है।
पिछले सप्ताह लीक हुए अमेरिकी सरकार के एक दस्तावेज में ये चेतावनी जारी की गई थी कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले लोगों में संक्रमण पहले की तरह दुर्लभ नहीं है, जितना कि पहले सोचा गया था और ऐसे मामले अत्यधिक संक्रामक हैं।
इंपीरियल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर और सर्वे कार्यक्रम के निदेशक पॉल इलियट का कहना है कि ये निष्कर्ष "हमारे पिछले आंकड़ों की पुष्टि करते हैं कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद संक्रमित होने से अच्छी सुरक्षा मिलती है।
इलियट कहते हैं कि संक्रमण का खतरा अभी भी बरकरार है क्योंकि कोई भी वैक्सीन 100 प्रतिशत प्रभावी नहीं है, और हम जानते हैं कि कुछ लोग वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी वायरस से बीमारहो सकते हैं। इलियट कहते हैं, "इसलिए प्रतिबंधों में ढील के साथ भी हमें एक दूसरे की सुरक्षा करने और संक्रमण की दर को कम करने में मदद करने के लिए सावधानी से कार्य करना चाहिए।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि रोजाना दर्ज किए जाने वाले कोविड -19 मामलों में गिरावट के बाद नियमों में ढील दी गई है, जबकि जनसंख्या सर्वेक्षणों का कहना है कि मामले अभी भी बढ़ रहे हैं, भले ही रफ्तार धीमी हो। इस प्रवृत्ति ने विशेषज्ञों और अधिकारियों को हैरान कर दिया है, जो नए संक्रमण में वृद्धि की भविष्यवाणी कर रहे थे।
इम्पीरियल-इप्सोस अध्ययन में 12 जुलाई तक के आंकड़े शामिल हैं, तब भी यही सामने आया था कि पिछले महीने की तुलना में मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे थे।