
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 17, 2020 10:56 AM IST
Eluru's Mystery Disease: आंध्र प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से एक रहस्यमयी बीमारी से लोग परेशान हैं। इस बीमारी के कारण अज्ञात होने के काऱण इसके इलाज और बचाव से जुड़ी कई परेशानियां सामने आ रही थीं। अब ऐसा दावा कि जा रहा है कि पश्चिम गोदावरी जिला मुख्यालय एलुरु में फैली इस रहस्यमयी बीमारी के के पीछे कारण (Eluru's Mystery Illness reasons) कीटनाशक के अवशेष (Pesticides residue) थे।
राज्य सरकार ने अपने बयान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और अन्य संगठनों के हवाले से यह बात कही है। इसमें कहा गया है, "विशेषज्ञों ने कहा है कि यह समझने के लिए दीर्घकालिक अध्ययन की जरूरत है कि कीटनाशकों के इन अवशेषों (ide effects of Pesticides residue on human body) ने मानव शरीर में कैसे प्रवेश किया।"
मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने एम्स, और भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने रहस्यमयी बीमारी को लेकर विशेषज्ञों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पश्चिम गोदावरी के सभी जिलों में सभी स्रोतों से पीने के पानी के नमूने (Water Samples) लेने और उनका परीक्षण करने के भी निर्देश दिए। (Eluru's Mystery Disease)
उन्होंने कहा है, "नमूनों को व्यवस्थित रूप से इकट्ठा करके विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में उनका विश्लेषण किया जाना चाहिए। एम्स और आईआईसीटी को एलुरु में प्रकोप के कारणों पर दीर्घकालिक अध्ययन करना चाहिए। मैंने मुख्य सचिव से इसके लिए एक कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा है।" (Eluru's Mystery Illness reasons)
रेड्डी ने यह भी कहा कि जैविक खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए और किसानों में इसके लिए जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
(आईएएनएस)