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Written By: intern23.seo | Updated : February 22, 2024 8:01 PM IST
New Discovery in AIIMS
आपने घुटने और कूल्हे के ट्रांसप्लांट्स के बारे में अक्सर जरूर सुना होगा। लेकिन हाल ही सामने आई एक खबर के मुताबिक एम्स दिल्ली और आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने कोहनी के ट्रांसप्लांट का एक बेहतरीन विकल्प तैयार किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोहनी के ट्रांसप्लांट की आवश्यकता ऐसे मरीजों को होती है, जिनकी कोहनी किसी चोट के कारण या अर्थराइटिस जैसी बीमारी के कारण खराब हो जाती है। जब आपके कोहनी के जोड़े काम करना बंद कर देते हैं तो उस स्थिति में कोहनी के ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..
बात करें अभी तक की तो भारत में होने वाले 'कोहनी ट्रांसप्लांट' (Elbow Replacement) के लिए पार्ट विदेश से आयात किए जाते थे। जिसके इंप्लांट की कीमत ही लगभग 2 लाख रुपए के आसपास थी। इसके अलावा विदेश में तैयार पार्ट भारतीय लोगों की कद काठी के अनुसार भी नहीं होते थे। यही कारण है कि एम्स दिल्ली और आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने मिलकर इसका एक सस्ता विकल्प तैयार किया है। जिसकी कीमत मात्र 30 रुपए के आसपास हो सकती है।
AIIMS के मुताबिक कोहनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किए गए पार्ट की सफल टेस्टिंग भी की जा चुकी है। इसके मटेरियल से लेकर इसकी मजबूती तक को अच्छे से परखा जा चुका है। इसके अलावा यह भी जांचा गया है कि यह कोहनी कितनी तरह से मुड़ सकेगी। इसके अलावा सबसे अहम टेस्ट में यह पाया गया कि यह आर्टिफीशियल कोहनी 2.5 किलो तक वजन उठाने में सक्षम है।
इस आर्टीफीशियल कोहनी का प्रयोग आम लोगों के लिए करने में लगभग 2 साल का समय लग सकता है। इसके अलावा ऐसे लोग जिनकी हड्डियां किसी समस्या के कारण काफी कमजोर हो गई हैं, उन्हें इस तरह की सर्जरी कराने का कोई फायदा नहीं है। बात करें इसके टेस्ट की तो टाइटेनियम से बने इस बॉडी पार्ट की टेस्टिंग एक मृत शरीर पर की जा चुकी है। इस कोहनी के ट्रांसप्लांट से हड्डी में किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।