सॅरोगेसी से मां बनी एकता कपूर, जानिए क्‍या है पूरी प्रक्रिया

अभी दो साल पहले एकता कपूर के भाई तुषार कपूर ने सॅरोगेसी के माध्यम से सिंगल फादर होने का गौरव प्राप्त किया अब एकता को भी यह खुशी मिली है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : January 31, 2019 1:01 PM IST

बालाजी टेलीफि‍ल्‍म्‍स की पावर हाउस कही जाने वाली एकता कपूर और बेटे की मां बन गई हैं। 27 जनवरी को उन्‍हें सॅरोगेसी के माध्‍यम से बेटे की मां बनने की खुशी हासिल हुई है। हालांकि अभी बच्‍चा उनके पास नहीं आया है पर जल्‍दी ही वे बेबी बॉय को घर लाने की तैयारी कर रही हैं।

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जानिए क्‍या है सॅरोगेसी

सरोगेसी में कोख को किराए पर लेना और सहायक प्रजनन तकनीक से गर्भवती होना शामिल है, जिसमें कोई भी युग्मक (अंडाणु या शुक्राणु) सरोगेट मां बनने वाली महिला या उसके पति से संबंधित नहीं होता है। भारत में सालाना करीब 10,000 सरोगेसी चक्र को अंजाम दिया जाता है। इसमें ज्‍यादार वे निंसंतान दंपत्ति शामिल होते हैं जो किन्‍हीं स्‍वास्‍थ्‍यकर कारणों से मां-बाप नहीं बन पा रहे हैं।

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परंतु बदले हुए ट्रेंड में अब वे लोग भी सॅरोगेसी को अपना रहे हैं जो बच्‍चा पैदा करने के लिए समय नहीं निकाल पाते अथवा बिना विवाह किए मां या पिता बनने का सुख प्राप्‍त करना चाहते हैं। सिंगल पेरेंट्स के लिए सॅरोगेसी किसी वरदान से कम नहीं है। तकरीबन दो वर्ष पहले एकता कपूर के भाई तुषार कपूर ने इस तकनीक से सिंगल फादर बनने की खुशी हासिल की, जिससे उन्‍हें एक बेटा लक्ष्‍य कपूर है। एकता भी समय-समय पर लक्ष्‍य के साथ अपनी प्‍यारी तस्‍वीरें शेयर करती रहती हैं।

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अभी बना है सॅरोगेसी पर कानून

19 दिसंबर , 2018  को व्यवसायिक सरोगेसी (किराए की कोख) पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद ने सरोगेसी बिल को मंजूरी दे दी है। सरोगेसी (नियमन) विधेयक, 2016 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिलने के बाद लोकसभा में पेश किया गया था जहां भारी शोर शराबे के बीच यह बिल पास हुआ था । यह विधेयक न केवल भारतीय बल्कि विदेशी, एनआरआई और पीआईओ पर भी लागू होगा। यह भारत में व्यावसायिक सरोगेसी को प्रतिबंधित करता है, इस कानून के तहत सख्ती बरतते हुए सिर्फ परोपकारी आधार पर प्रजनन क्षमता से वंचित पांच सालों से शादीशुदा दंपति को छूट दी गई है, और सरोगेसी के लिए उन्हें सरोगेट मां के रूप में करीबी रिश्तेदार को ही चुनना होगा। विधेयक में केंद्रीय स्तर पर और राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में एक राष्ट्रीय सरोगेसी बोर्ड का गठन कर सरोगेसी का नियमन करने का भी प्रस्ताव है।

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