Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Randeep Guleria on Omicron Variant: ओमिक्रोन के खिलाफ वैक्सीन साबित हो सकते हैं बेअसर, डॉ.रणदीप गुलेरिया का बयान

डॉ. गुलेरिया ने कहा इस बात का गहन मूल्याकंन करना होगा कि नये वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन कितनी असरदार है।

Randeep Guleria on Omicron Variant: ओमिक्रोन के खिलाफ वैक्सीन साबित हो सकते हैं बेअसर, डॉ.रणदीप गुलेरिया का बयान

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 29, 2021 12:31 PM IST

Randeep Guleria on Omicron Variant: कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन ओमिक्रोन के बारे में डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि इस वेरिएंट के आगे वैक्सीन्स बेअसर साबित हों। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने बयान दिया है कि, नये वेरिएंट ओमिक्रोन के स्पाइक प्रोटीन में 30 अलग तरह के परिवर्तन देखने को मिले हैं और इन सभी स्वरूपों के खिलाफ  इम्यूनिटी बनने में समय लग सकता है। परिणामस्वरूप इस वेरिएंट के खिलाफ मौजूदा वैक्सीन्स कम प्रभावी साबित हो सकती हैं।

वैक्सीन का करना होगा मूल्यांकन

बता दें कि, स्पाइक प्रोटीन मानव शरीर की सेल्स में वायरस के प्रवेश की प्रक्रिया को सरल बना सकती है और इस तरह वायरस का प्रसार और इंफेक्शन बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है। डॉ. गुलेरिया ने कहा इस बात का गहन मूल्याकंन करना होगा कि नये वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन कितनी असरदार है। रविवार को एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बयान दिया, “ ताजा उपलब्ध डेटा के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के इस नये वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में 30 बार बदलाव देखे गए हैं इसीलिए हो सकता है कि वैक्सीन की मदद से तैयार इम्यूनिटी की मदद से इन्हें रोक पाना संभव ना हो। जैसा कि, एंटी-कोरोना वायरस वैक्सीन में स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ एंटीबॉडी तैयार करती हैं और शरीर को उससे सुरक्षित रखती हैं। लेकिन, जब स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में ही जब बहुत अधिक बदलाव होते दिख रहे हैं तो हो सकता है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी इस वेरिएंट से पूरी तरह सुरक्षित रह पाना संभव ना हो।”

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

वेरिएंट के बारे में और जानकारियों का सामने आना महत्वपूर्ण

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि इस प्रकार की स्थिति में देश को आवश्यक तैयारियां करने के साथ-साथ फिलहाल उपबल्ध कोरोना वैक्सीन की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना होगा। डॉ. गुलेरिया के अनुसार, ओमिक्रोन जैसे वेरिएंट्स के खिलाफ आने वाले समय में रणनीति बनाने के लिए यह समझने की ज़रूरत है कि इस वेरिएंट का प्रसार कितनी तेज़ी से होता है या इसकी तीव्रता कितनी है। साथ ही साथ इम्यून सिस्टम से बच निकलने की इसकी क्षमता के बारे में भी आगे मिलने वाली   जानकारियां अहम साबित होगीं।

Also Read

More News