
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 26, 2026 11:07 AM IST
इटली के मिलान शहर में इबोला के 2 मामले सामने आए हैं।
अफ्रीकी देश युगांडा और कांगों से शुरू हुआ इबोला संक्रमण अब पूरी दुनिया के लिए चिंता बनता जा रहा है। अफ्रीकी देशों के बाद यूरोप में इबालो संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इटली के मिलान शहर में इबोला संक्रमण से 2 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। इटली में नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि मिलान में इबोला संक्रमण से 2 मामले दर्ज किए गए हैं, वो दोनों लोग हाल ही में युगांडा से लौटे थे और उनमें तेज बुखार, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल उन्हें मिलान के स्पेशल इंफेक्शन हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया है और जांच की जा रही है। उधर, युगांडा में इबोला के तीन नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और Africa CDC ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते संक्रमण को नहीं रोका गया तो यह कई देशों में फैल सकता है।
Ebola outbreak
Africa CDC के प्रमुख जीन कासेया ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 10 अफ्रीकी देशों को इबोला संक्रमण के लिए हाई रिस्क बताया है। इसमें शामिल है-
WHO के मुताबिक, इस बार फैल रहा Bundibugyo स्ट्रेन ज्यादा रिस्क वाला है। WHO का कहना है कि इबोला संक्रमण के नए स्ट्रेन का न तो कोई सटीक इलाज मौजूद है और न ही इससे सुरक्षा देने वाली कोई वैक्सीन फिलहाल है। इसलिए इस वायरस का फैलाव तेजी हो सकता है और उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। आइए जानते हैं इबोला से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख Tedros Adhanom Ghebreyesus ने चेतावनी दी है कि इबोला वायरस का मौजूदा प्रकोप बेहद चिंताजनक है। WHO के मुताबिक, कांगो और युगांडा में वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि स्वास्थ्य एजेंसियों की प्रतिक्रिया भी पीछे छूट रही है। कई इलाकों में मेडिकल संसाधनों की कमी है और मरीजों तक समय पर इलाज नहीं पहुंच पा रहा। WHO ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद बढ़ाने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है कि इबोला संक्रमण पर जल्द ही कंट्रोल नहीं किया गया तो यह अन्य देशों में भी फैल सकता है।
इबोला को WHO ने घातक संक्रमण बताया है।
WHO और Africa CDC की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और आसपास के क्षेत्रों में 1000 से ज्यादा संदिग्ध इबोला मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 220 से ज्यादा संदिग्ध मौतों की जानकारी भी मिली है। स्वास्थ्य एजेंसियां मान रही हैं कि असली संख्या इससे ज्यादा हो सकती है क्योंकि कई दूरदराज इलाकों में जांच सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। इबोला संक्रमण के 1000 मामले दर्ज किए जाने के बाद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
विभिन्न देशों में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। केंद्र सरकार ने विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी की है। इसके साथ ही, अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और उनसे हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स को अलर्ट जारी किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगर विदेश यात्रा के बाद बुखार, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं। सरकार का कहना है कि फिलहाल भारत में कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन इबोला के प्रति सतर्क होना बहुत जरूरी है।
भारत ने इबोला प्रभावित देशों की मदद के लिए PPE किट, दवाइयां और मेडिकल उपकरणों की पहली खेप अफ्रीका CDC को भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत इस स्वास्थ्य संकट में अफ्रीकी देशों के साथ खड़ा है। मेडिकल एक्सपर्ट्स और हेल्थ सपोर्ट सिस्टम भी तैयार रखा गया है।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला संक्रमण रोकने के लिए Safe Burial Campaign शुरू की गई है। स्वास्थ्य एजेंसियों के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान वायरस तेजी से फैल सकता है क्योंकि लोग शव के सीधे संपर्क में आते हैं। इसी कारण मेडिकल टीम विशेष सुरक्षा किट पहनकर अंतिम संस्कार करा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। WHO का कहना है कि इबोला संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान सावधानी नहीं बरती गई तो संक्रमण और तेजी से फैल सकता है।