1000 पार हुए इबोला वायरस के केस, भारत समेत इन देशों ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

दुनियाभर में देशों ने इबोला के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए तैयारियां करना शुरू कर दिया है, कोई देश यात्रियों की एंट्री बैन कर हा है, तो कोई यात्रियों को क्वारंटाइन में रख रहा है, इस में जानें ऐसे में भारत की तैयारी कैसी चल रही है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 25, 2026 7:04 PM IST

इबोला के बढ़ते खतरे को देखते हुए कोई भी देश अब उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहता, क्योंकि कोविड 19 की चोट अभी तक कोई नहीं भूला है। 15 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने आधिकारिक रूप से इबोला आउटब्रेक की घोषणा कर दी थी और उस दौरान वहां पर इबोला वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे थे। तेजी से बढ़ रहे मामलों के देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी 17 मई 2026 को इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी करार दे दिया था। वर्तमान की बात करें तो रिपोर्ट्स के अनुसार इबोला के के इस खतरनाक स्ट्रेन जिसे बुंडिबुग्यो स्ट्रेन (Bundibugyo strain) के नाम से जाना जाता है, 1000 से ऊपर कुल मामले हो चुके हैं। इसके खतरे को देखते हुए अब हर देश अपने बचाव की तैयारियों में जुटा है। इबोला के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब पाबंदियां लगाई जा रही हैं आदि के बारे में हम इस लेख में जानेंगे -

अमेरिका ने किन देशों के यात्रियों पर लगाया बैन?

कोविड 19 के दौरान अमेरिका अपनी स्थिति को याद करते हुए अब इबोला के समय पर बिलकुल भी रिस्क नहीं लेना चाहता है और स्थिति को देखते हुए उसने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और साउथ सुडान इन तीनों देशों से आने वाले यात्रियों की अमेरिका में एंट्री पर बैन लगा दिया है। हालांकि, इन देशों से आने वाले यात्री जो अमेरिका के नागरिक हैं, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी और 21 दिन के क्वारंटाइन में रखा जाएगा। वहीं जो अमेरिका के सिटीजन नहीं है या ग्रीन कार्ड होल्डर हैं, उनकी फिलहाल अमेरिका में एंट्री पर बैन लगा दिया गया है।

(और पढ़ें - हर बार कांगो या युगांडा में ही क्यों फैलता है इबोला?)

कई देशों ने शुरू किया क्वारंटाइन

थाइलैंड और जॉर्डन जैसे कई देशों ने हाई रिस्क कंट्री से आने वाले यात्रियों को 21 दिन तक क्वारंटाइन करना शुरू कर दिया है, ताकि देश में इबोला को फैलने से रोका जा सके। वहीं रवांडा ने पिछले 30 दिनों के भीतर, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जाने वाले या वहां से आने वाले विदेशी नागरिकों की एंट्री पर बैन लगा दिया है और अगर नागरिक रवांडा के हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

भारत में कैसी चल रही तैयारी?

इबोला आउटब्रेक के खतरे को भारत भी अच्छे से जानता है और हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। विश्वव स्वास्थ्य संगठन द्वारा इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने के बाद ही भारत ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी धी और एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग को बढ़ा दिया था। खासतौर पर अफ्रीका के प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग को काफी बढ़ा दिया था और यात्रियों से उल्टी, खांसी व बुखार जैसे लक्षणों के बारे में पूछा गया।

इसके अलावा भी भारत इस वायरस से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है, जिसमें एयरपोर्ट्स पर आइसोलेशन हब बनाने पर किया जा रहा है और साथ ही साथ इबोला के लिए टेस्टिंग लैब्स तैयार करने पर भी काम जोरों से किया जा रहा है।

क्या भारत में इबोला आ चुका है?

भारत सरकार ने यह साफ किया है कि भारत में अभी तक इबोला का संदिग्ध मामला भी नहीं आया है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही उचित इंतजाम कर रही है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने लोगों को न डरने की अपील की है, लेकिन सावधान रहना बहुत जरूरी है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल इबोला से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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