
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 17, 2020 12:45 PM IST
अंडा और शक्कर ही नहीं, इन 3 चीज़ों का भी अधिक सेवन करने से बढ़ता है टाइप 2 डायबिटीज़ का रिस्क
Type 2 Diabetes: डायबिटीज़ में हेल्दी डायट (Diabetes Diet) और सही मात्रा में भोजन करना इस बीमारी को नियंत्रण में रखने का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। अंडा सबसे पौष्टिक फूड्स में गिना जाता है। खासकर, प्रोटीन के अच्छे स्रोत के तौर पर सबसे पहले अंडे का नाम लिया जाता है। इसीलिए, एक्सपर्ट्स हर मौसम में अंडे का सेवन करने की सलाह देती है। इसी तरह हर उम्र के लोगों के लिए अंडे का सेवन फायदेमंद माना जाता है। लेकिन, हाल ही में एक स्टडी में कहा गया है कि रोज़ अंडे खाने से टाइप-2 डायबिटीज की बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है। (Type 2 Diabetes and Eggs)
चाइना मेडिकल यूनिवर्सिटी और कतर यूनिवर्सिटी ने एक रिसर्च का आयोजन किया। इस रिसर्च में यह पता चला कि, अंडे का बहुत अधिक सेवन करने से नुकसान हो सकता है और अधिक मात्रा में अंडे खाने से टाइप-2 डायबिटीज होने का रिस्क बढ़ जाता है। (Eggs Side Effects in hindi)
इस रिसर्च के लिए साल 1991 से 2009 की अवधि में किए गए रिसर्च पेपर्स पर अध्ययन किया गया। इस रिसर्च में 2 हजार से ज़्यादा लोगों का अध्ययन किया गया। रिसर्च के दौरान सभी लोगों को रोज़ाना अंडे खाने के प्रभावों को समझने की कोशिश की गयी। रिसर्च में पाया गया कि, हर रोज़ एक से अधिक अंडा खाने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का रिस्क 60 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। (Type 2 Diabetes Risk Factors)
गौरतलब है कि, चीन में एक बड़ी आबादी डायबिटीज से पीड़ित हैं। फिलहाल देश में कुल 11 प्रतिशत लोगों को टाइप-2 डायबिटीज की समस्या है। जबकि, आंकड़ा वैश्विक स्तर पर डायबिटीज के कुल मरीज़ों की संख्या का लगभग 9 फीसदी है। वहीं भारत में भी डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्या बहुत अधिक है।
गौरतलब है कि टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) के मरीज़ों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। खासकर, कोरोना काल में डायबिटीज के नये मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इसे एक बड़ी वैश्विक समस्या के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, कई देशों में आर्थिक स्तर पर भी डायबिटीज एक बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। एक आंकलन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर मेडिकल खर्च का 10 प्रतिशत हिस्सा केवल डायबिटीज के मरीज़ों ( Diabetes Treatment) पर खर्च किया जाता है।
एप्रीकॉट, अंजीर, किवी जैसे कई फलों को सूखाने के बाद खाया जाता है। वहीं भारत में आंवला (Amla) और आम के टुकड़ों को लम्बे समय से सूखाकर खाया जाता है। इन फलों का कभी-कभार सेवन आपके लिए नुकसान दायक नहीं होगा। लेकिन, स्टैंडफोर्ड एक्सपर्ट्स के अनुसार, जो लोग भूख लगने पर पेट भरने के लिए सूखे फलों का सेवन करते हैं उन्हें, यह आदत बदलनी चाहिए। क्योंकि, ऐसा करने से डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। इसकी बजाय आप ताजे फलों का सेवन करें।
अक्सर, कहा जाता है कि रेड मीट का अधिक सेवन करने से दिल की बीमारियों का रिस्क बढ़ता है। लेकिन, हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेड मीट का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा 19 फीसदी तक बढ़ जाता है।
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एक मेटा-एनालिसिस में यह पाया गया कि प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने वालों को डायबिटीज का खतरा 51 फीसदी तक बढ़ जाता है। प्रोसेस्ड फूड्स जैसे, ब्रेड, पैकेटबंद मीट, मछली, फ्राईज़ आदि में बहुत अधिक मात्रा में नमक और अन्य प्रीजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। जिससे, डायबिटीज़ होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।