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Written By: Atul Modi | Published : March 11, 2023 12:08 PM IST
WHO के मुताबिक विश्व में सोडियम का सेवन बहुत ज्यादा बढ़ रहा है जो कि हृदय से जुड़ी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ा रहा है। WHO की सोडियम इंटेक रिडक्शन की ग्लोबल रिपोर्ट में पाया गया था कि विश्व 30 प्रतिशत तक सोडियम इंटेक को कम करने का टारगेट 2025 तक पूरा कर लेगा। इस रिपोर्ट ने केवल 5 प्रतिशत WHO के सदस्य देशों के लोगों को ऑब्जर्व किया है।
शरीर में पानी और मिनरल्स का बैलेंस बनाए रखने के लिए सोडियम जरूरी होता है लेकिन अगर इसे ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए तो इससे क्रोनिक बिमारियों का खतरा बढ़ता है और समय से पहले मृत्यु होने का रिस्क भी बढ़ जाता है। सोडियम का मुख्य स्रोत खाने में प्रयोग होने वाला नमक है। ज्यादा नमक अधिकतर फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, इंस्टेंट नूडल्स, स्नैक्स आदि में पाया जाता है और इनका रोजाना सेवन करने से शरीर का स्वास्थ्य बहुत अधिक खराब हो सकता है।
विश्व में औसतन रोजाना का नमक सेवन करने का लेवल 10.8 ग्राम है। WHO ने प्रति व्यक्ति इस लेवल को प्रतिदिन 5 ग्राम से भी कम बताया है। ज्यादा नमक का सेवन करना डाइट और पोषण से जुड़ी मृत्यु का नंबर 1 रिस्क फैक्टर है। इसको साबित करने के लिए बहुत सारे सबूत भी सामने आ रहे हैं जो सोडियम का ज्यादा सेवन करने और गैस्ट्रिक कैंसर, मोटापा, ओस्टियोपोरोसिस, किडनी से जुड़ी बीमारियों के बीच संबंध स्थापित करने के रूप में देखे जा सकते हैं।
इस रिपोर्ट से यही पता चलता है कि, विश्व को अभी भी देशों में नमक उपभोग को कम करने वाली पॉलिसी लाने की जरूरत है ताकि लोगों का दिल की बिमारियों का और समय से पहले होने वाली मृत्यु का रिस्क कम किया जा सके। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी बीमारियों का रिस्क भी काफी कम किया जा सकता है।
WHO ने अभी भी सभी देशों को नमक का उपभोग कम करने के लिए प्रावधान लेने को सुझाया है ताकि लोगों के स्वस्थ्य में सुधार लाया जा सके। सभी उभरती हुई बीमारियों जैसे ब्लड प्रेशर का बढ़ना, हाइपरटेंशन आदि का कारण नमक का ज्यादा सेवन करना ही बन रहा है।