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तेज मिर्च खाने से लंबी होगी आपकी उम्र! ब्लड शुगर, ट्यूमर का खतरा होता है कमःस्टडी

एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि मिर्च खाने से आपको हृदय रोगों या कैंसर से समय से पहले मौत के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 11, 2020 11:14 AM IST

क्या आपको खाने में तेज मिर्च पसंद है या फिर आप भोजन के साथ हरी मिर्च खाना पसंद करते हैं? अगर आपका जवाब हां है तो अब अनजाने में ही अपनी उम्र बढ़ा रहे हैं। जी हां, एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि मिर्च खाने से आपको हृदय रोगों या कैंसर से समय से पहले मौत के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अध्ययन के मुताबिक, जो लोग मिर्च खाते हैं वे लगभग एक चौथाई तक इन बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।

मिर्च खाने से उम्र बढ़ने की विशेषता के पीछे वैज्ञानिक कैप्सेसिन के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों को कारण मान रहे हैं। यह वही यौगिक है, जो मिर्च को उसका मसालेदार स्वाद देता है। शरीर में इसका काम हमारे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखते हुए ट्यूमर के साथ-साथ सूजन से लड़ने में मदद कर सकता है।

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने वैश्विक स्तर पर लगभग 570,000 लोगों के हेल्थ और डाइट रिकॉर्ड का विश्लेषण किया और इसके परिणामों को उल्लेखनीय बताया। लेकिन वालंटियर से मिली जानकारी के आधार पर किसी भी अन्य अध्ययन की तरह इस अध्ययन के भी परिणाम निर्णायक और ठोस नहीं हैं। हालांकि शोधकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन सी मिर्च कि किस्म इस तरह की सुरक्षा प्रदान कर सकती है और कितनी मात्रा में खाना से फायदा पहुंच सकता है, इसपर और अधिक व्यक्तिगत अध्ययन करने की आवश्यकता है।

अंग्रेजी अखबार डेली मेल के मुताबिक, अध्ययन के शोधकर्ताओं ने कहा कि ब्रिटिश लोग तेज मिर्च के बहुत ज्यादा शौकीन नहीं होते हैं, लेकिन उन्होंने शायद इस लॉकडाउन में अधिक मिर्च खाने की आदत को बढ़ाने की कोशिश की है।

उन्होंने बताया कि जैसा कि लॉकडाउन के कारण अधिक से अधिक लोग घर पर खाना बना रहे हैं, हार्ट एक्सपर्ट का मानना है कि यह मसाले और मिर्च के साथ प्रयोग करने और स्वस्थ भोजन की आदत में शामिल होने का एक अच्छा समय हो सकता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि भोजन में ताजी या सूखी मिर्च, या फिर काली मिर्च डालकर न केवल स्वाद को बढ़ाया जा सकता है बल्कि नमक की आवश्यकता को भी कम किया जा सकता है। बता दें कि अत्यधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर और हृदय विकारों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, उन्होंने पहले से तैयार मिर्च सॉस और तेज मसाले से परहेज करने की सलाह दी है क्योंकि उनमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक हो सकती है।

ओहियो स्थित क्लीवलैंड क्लिनिक के शोधकर्ता और अध्ययन के प्रमुख लेखक बो जू कहते हैं, "नियमित रूप से मिर्च का सेवन हृदय रोग और कैंसर जैसे सभी-कारणों से मृत्यु दर के समग्र जोखिम में कमी के साथ जुड़ा हुआ है।"

इस अध्ययन का विवरण चीन, ईरान, इटली और अमेरिका में हुए पिछले अध्ययनों से लिया गया है। डॉ जू बताते हैं कि ये परिणाम समग्र स्वास्थ्य में आहार संबंधी कारकों के महत्व को उजागर करते हैं। हालांकि, उन्होंने इन परिणामों पर ज्यादा महत्व नहीं देने के लिए कहा है और केवल कैप्सैसिन के स्वास्थ्य लाभों पर एडवाइजरी के रूप में देखने के लिए बताया है।