बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट भी है खतरनाक, जानें कैसे

बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट (E-cigarette without nicotine) का चलन हाल के वर्षों में बढ़ा है. ई-सिगरेट का उपयोग ज्यादातर युवा और सिगरेट छोड़ने वाले लोगों द्वारा किया जाता है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 23, 2019 4:37 PM IST

विश्वभर में जब वायु प्रदूषण की वजह से फेफड़े की बीमारी और लंग्स कैंसर का खतरा बढ़ रहा है. ठीक उसी समय ई-सिगरेट का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. बाजार में विज्ञापन के जरिए यह बताया जाता है कि ई-सिगरेट जो निकोटीन के बैगर होती है, वह हेल्थ के लिए कम नुकसानदेह होती है. लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में चौकाने वाले परिणाम सामने आये हैं. शोध के अनुसार बिना निकोटीन के ई-सिगरेट भी कम नुकसानदेह नहीं है.

ई-सिगरेट पर क्या कहता है शोध  

साइंस पत्रिका रेडियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध में 31 ऐसे लोगों को शामिल किया गया था, जो कभी भी सिगरेट नहीं पीते थे. इन लोगों को बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट (E-cigarette without nicotine) पिलाने के बाद होने वाले बदलाओं पर अध्ययन किया गया.

बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट (E-cigarette without nicotine) पीने के बाद ब्लड प्रेशर पर सीधा असर देखा गया है. शोधकर्ताओं का मानना है कि ई-सिगरेट पीने से रक्त वाहिकाओं की भीतरी सतह को नुकसान पहुंचता है.

फेफड़ों पर ई-सिगरेट का असर 

इसके पूर्व में भी कई शोध इस बात का दावा करते हैं कि बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट (E-cigarette without nicotine) फेफड़ों पर बूरा प्रभाव डालती है. इसकी वजह से फेफड़ों की सांस लेने की क्षमता कमजोर होती है.

क्यों है खतरनाक 

शोधकर्ताओं का मानना है कि धूम्रपान से होने वाले नुकसान बिना निकोटिन वाली ई-सिगरेट से भी होते हैं. निकोटिन से होने वाले खतरे भले ही कम हो जाएं लेकिन फेफड़ों पर इसका बूरा असर पड़ता ही है.

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