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Written By: Atul Modi | Published : May 17, 2021 12:38 PM IST
Covid Medicine: अस्पतालों को दिए जाएंगे DRDO की कोरोना की दवा 2DG
डीआरडीओ (DRDO) के इनमास लैब के वैज्ञानिकों ने डॉक्टर रेड्डी लैब्स के साथ मिल कर यह दवा जिसका नाम 2डीजी है, बनाई है। इस दवाई को डीसीजीआई ने भी मरीजों को देने के लिए मंजूरी दे दी है। यह दवा मरीजों के लिए काफी प्रभावी मानी जा रही है और इसे सोमवार को लॉन्च किया जायेगा। इस दवा के लॉन्च का कार्यक्रम दिल्ली के डीआरडीओ भवन में होगा और इसमें रक्षा मंत्री कुछ ही अस्पतालों के चुनिंदा डॉक्टरों को दवाई के 10 हजार पैकेट देंगे। इस दवाई के प्रयोग से कोविड के मरीजों की ऑक्सीजन की कमी वाली समस्या काफी कम हो सकती है। यह दवा इस कठिन समय में उम्मीद की एक किरण जगा सकती है।
देश के दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस दवाई को इमरजेंसी प्रयोग के लिए स्वीकृति भी दे दी है। अभी तक इस दवाई का ट्रायल 110 मरीजों पर किया गया है और सभी के लिए यह दवाई काफी ज्यादा लाभदायक रही है। ट्रायल के दौरान पता चला है कि यह दवा कोविड के मरीजों को जल्दी ठीक करने में काफी लाभदायक है। यह एक प्रकार का सूडो ग्लूकोज है जो वायरस को बढ़ने से रोकता है। यह दवा एक पाउडर फॉर्म में आती है जिसे आसानी से पानी में घोल कर पिया जा सकता है।
इस दवा का पूरा नाम 2 डायोक्सी डी ग्लूकोज अर्थात् 2डीजी है।
इस सप्ताह में इस दवाई का 10 हजार डोज का पहला बैच लॉन्च किया जायेगा और सभी लोगों को इस दवा से काफ़ी ज्यादा उम्मीदें हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस दवाई का उत्पादन वह और अधिक बढ़ाने की तैयारियां कर रहे हैं ताकि यह दवाई अधिक से अधिक कोविड मरीजों तक पहुंच सके और वह जल्द से जल्द ठीक हो सकें। इस दवा को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन और एलाइड साइंस ने हैदराबाद के डॉक्टर रेड्डी लैब के साथ मिल कर बनाया है। यह दवा आपको पैकेट में एक पाउडर के रूप में मिलेगी जिसे आपको पानी के अंदर मिला कर पीना होता है।
पीछे हफ्ते कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने बेंगलुरु में डीआरडीओ के कैंपस का दौरा किया जहां अधिकारियों ने उन्हें कोविड से निपटने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया, यह डीआरडीओ द्वारा बनाई 2 डीजी नामक दवा महामारी से निपटने में एक बड़ा हथियार साबित हो सकती है और इसके प्रयोग से देश की खराब स्थिति को बदलने की उम्मीद है। यह दवा वायरस से निपटने में एक अहम भूमिका निभा सकती है। इससे अस्पतालों में एडमिट हुए मरीज तेजी से ठीक हो कर अपने घर लौट सकेंगे और उनकी ऑक्सीजन की कमी वाली समस्या का भी एक निवारण हो सकेगा।