डायबिटीज या हार्ट नहीं इस बीमारी वाले लोगों को कोरोना का खतरा 10 गुना ज्यादा, खुद पहचानें आप इसके शिकार हैं या नहीं

CDC ने डाउन सिंड्रोम (down syndrome disorder)से पीड़ित लोगों को भी कोरोना होने के जोखिम की सूची में शामिल किया है। आइए जानते हैं क्या है डाउन सिंड्रोम (down syndrome disorder) और इससे जुड़ी सावधानियां।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : January 5, 2021 4:46 PM IST

इस बात को सभी जानते हैं कि कोरोनावायरस सांस से जुड़ा का एक संक्रामक रोग है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। कोरोना से जुड़ी एक और बात ये है कि अगर आप कुछ चुनिंदा स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हैं तो आपको इस बीमारी के होने और अन्य गंभीर जटिलताओं का शिकार होने की संभावना भी अधिक है। कोरोना की शुरुआत से ही सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) लोगों को इस वायरस के लक्षणों और संकेतों के बारे में सूचित करता आ रहा है, जो संक्रमण के जोखिम को बढ़ाते हैं। हाल ही में, CDC ने डाउन सिंड्रोम (down syndrome disorder)से पीड़ित लोगों को भी कोरोना होने के जोखिम की सूची में शामिल किया है। आइए जानते हैं क्या है डाउन सिंड्रोम (down syndrome disorder) और इससे जुड़ी सावधानियां।

डाउन सिंड्रोम पीड़ितों को कोरोना का खतरा 10 गुना (down syndrome disorder)

सीडीसी ने अपनी इस सूची में डाउन सिंड्रोम को जोड़ा है। इस सिंड्रोम को एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर जोड़ा गया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि डाउन सिंड्रोम वाले रोगियों के लिए COVID-19 10 गुना अधिक घातक हो सकता है, खासकर उन लोगों की तुलना में जो इस विकार का शिकार नहीं हैं। सीडीसी ने इस स्थिति से पीड़ित लोगों को अपने डॉक्टर से परामर्श कर जोखिम कारकों (down syndrome disorder), उपचार और वायरस के प्रसार के स्तर पर चर्चा करने की सलाह दी है।

क्या है डाउन सिंड्रोम ? (what is down syndrome disorder)

डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक स्थिति है, जो बहुत हल्के से लेकर गंभीर शारीरिक और विकास संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। यह स्थिति तब होती है जब कोशिकाओं का असामान्य विभाजन हो जाता है और उसके कारण एक अतिरिक्त क्रोमोजोम 21 बन जाता है। इन मामलों की गंभीरता लोगों में अलग-अलग होती है। डाउन सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसका कोई इलाज नहीं है और ये उम्रभर रहती है। हालांकि, अगर शुरुआत में ही सही देखभाल की जाए तो पीड़ित लोगों का जीवन आसान हो सकता है। डाउन सिंड्रोम (down syndrome disorder) से पीड़ित लोगों में कुछ शारीरिक विशेषताएं होती हैं जैसे आंखों का कोना तिरछा होना, छोटे कान, सपाट नाक, उभरी हुई जीभ, छोटी गर्दन, छोटे हाथ और पैर।

अन्य लोग, जिन्हें है कोरोना का खतरा

कैंसर

क्रॉनिक किडनी डिजीज

सीओपीडी

ह्रदय संबंधी जटिलताएं

कमजोर इम्यून सिस्टम

मोटापा

सिकल सेल डिजीज

धूम्रपान

टाइप-2 डायबिटीज

अस्थमा

हाई ब्लड प्रेशर

डिमेंशिया जैसी मानसिक स्थिति

लिवर रोग

पीड़ित लोग कैसे कम करें खतरा

ऊपर लिखी बीमारियों (down syndrome disorder)  से पीड़ित लोगों को संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। खुद को सुरक्षित रखने और वायरस को फैलने से रोकने के लिए आपको निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिएः

जितना हो सके उतना कम से कम लोगों से मिलें।

जब भी घर से बाहर निकलें तो कोरोना की रोकथाम के लिए सभी जरूरी उपाय अपनाएं।

अगर आपको लग रहा है कि आप बीमार हैं और आपको कोरोना हुआ है तो बिना किसी देरी के डॉक्टर से मुलाकात करें और अपनी जांच (down syndrome disorder)  कराएं।