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क्‍या प्‍यार की भी होती है कोई एक्‍सपायरी डेट, क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ 

एक सर्वे में पाया गया कि 67 फ़ीसदी लोगों को 24 महीने के बाद इस बात का एहसास होने लगा था कि अपने साथी की छोटी-छोटी नाराज़गी से भर देनेवाली बातें असहनीय हो गई हैं। इस दौरान उनके रिश्‍ते से वह चार्म भी गायब होने लगा, जिसका अहसास उन्‍हें शुरूआती दिनों में होता था।

एक सर्वे में पाया गया कि 67 फ़ीसदी लोगों को 24 महीने के बाद इस बात का एहसास होने लगा था कि अपने साथी की छोटी-छोटी नाराज़गी से भर देनेवाली बातें असहनीय हो गई हैं। इस दौरान उनके रिश्‍ते से वह चार्म भी गायब होने लगा, जिसका अहसास उन्‍हें शुरूआती दिनों में होता था।

Written by Yogita Yadav |Published : April 24, 2019 8:47 PM IST

प्‍यार और शादी के लिए भले ही कितने वादे किए जाएं पर सच्‍चाई कुछ और ही है। जब वह सामने आती है तो कईयों का दिल टूट जाता है, तो कुछ इस नए बदलाव के साथ सामंजस्‍य बैठा लेते हैं। हाल ही में लव कैमिस्‍ट्री पर हुए एक शोध में प्‍यार की एक्‍सपायरी डेट का भी खुलासा किया गया है। आइए जानें क्‍या कहता है लव लाइफ पर किया गया यह नया शोध।

शोधों से पता चला है कि शादी के एहसास का ख़ुमार दो वर्षों के बाद धीरे-धीरे उतरने लगता है। एक सर्वे में पाया गया कि 67 फ़ीसदी लोगों को 24 महीने के बाद इस बात का एहसास होने लगा था कि अपने साथी की छोटी-छोटी नाराज़गी से भर देनेवाली बातें असहनीय हो गई हैं। इस दौरान उनके रिश्‍ते से वह चार्म भी गायब होने लगा, जिसका अहसास उन्‍हें शुरूआती दिनों में होता था।

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प्‍यार का जुनून

कपड़े, फर्नीचर और अन्‍य चीजों की ही तरह प्‍यार का जुनून एकदम चढ़ता है पर जल्‍दी ही उतर भी जाता है। शुरुआत में हम पर प्यार का जुनून होता है, लेकिन जल्द ही ये नवीनता उड़न-छू हो जाती है। इस संदर्भ में किए गए शोध में शामिल जोड़ों ने माना कि शुरूआत में हम एक-दूसरे का उत्सुकता से इंतज़ार करते थे। एक-दूसरे के साथ के लिए आतुर रहते थे। डेढ़ साल होते-होते हम लगभग रोज़ ही छोटी-छोटी बातों पर लड़ने लगे।

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छोटी-छोटी बातों पर होने लगते हैं झगड़े

शुरूआत में जो एक-दूसरे के प्‍यार में सबकुछ भूल जाने की कस्‍में खाते हैं, वहीं जोड़े शादी के डेढ़ दो साल बीतते बहुत छोटी-छोटी बातों पर झगड़ने लगते हैं। जैसे-रिमोट, डिनर मेन्यू, सही ड्रेस या मेकअप का चुनाव वगैरह। पर चीज़ें तब और बुरी होने लगीं, जब इन बातों की वजह से जोड़ों के मन में नाराज़गी घर करने लगी।

क्‍या वजह है जिद की

एक-दूसरे से झगड़ने वाले जोड़े इस बात को समझ हीं नहीं पाते कि आखिर उनका पार्टनर क्‍यों उनसे छोटी-छोटी बातों पर जिद करने लगता है। एक-दूसरे की बात सुनने से इनकार करना, किसी खास टीवी शो, मैच या व्‍यंजन की जिद आखिर क्‍यों इतना गंभीर रूप ले लेती है। वे इतने असंवेदनशील इंसान बन जाते हैं कि एक-दूसरे से झगड़ने लगते हैं।

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क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ

इस मामले में रिलेशनशिफ एक्‍सपर्ट का मानना है कि ‘विवाह के शुरुआती 6 से 9 महीनों के दौरान कपल्स एक-दूसरे के व्यक्तित्व को जान पाते हैं। इसे हनीमून फ़ेज़ कहते हैं। एक वर्ष के बाद असंतुष्टि और ज़िम्मेदारी का दौर आता है। अमूमन 80 प्रतिशत शादियों में समस्या शादी के शुरुआती पांच वर्षों के दौरान आती है, जिसका कारण होता है नीरसता, एकरसता या फिर ख़ुद के लिए समय न निकाल पाना।

इस तरह बचा सकते हैं अपना प्‍यार

इससे उबरने का केवल एक ही तरीक़ा है कि पति-पत्नी आपस में संवाद बरक़रार रखें, दोस्ताना और पारदर्शी बने रहें। एक-दूसरे की निजता का सम्मान करें। साथी को अपनी हॉबी को पूरा करने के लिए प्रेरित करें और हां, सेक्शुअल रिश्ते के महत्व को कम न आंकें।

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