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Doctor's Day 2021: सर्वे में हुआ खुलासा, भारत में 60% डॉक्टर्स हैं ओवरवेट, 6% को डायबिटीज

डिजिटल थेराप्यूटिक्स फिटरफ्लाई द्वारा किए गए सर्वेक्षण से यह संकेत मिला है कि डॉक्टरों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है।

'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' (National Doctor's Day 2021) के उपलक्ष में एक सर्वे कराया गया, जिसमें पता चला है कि देश में जो डॉक्टर्स लोगों का इलाज करते हैं, उनकी सेहत खुद अच्छी नहीं है। यह सर्वे डिजिटल थेराप्यूटिक्स कंपनी फिटरफ्लाई ने कराई है। इसमें लगभग 1000 डॉक्टर्स के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की स्थिति का अनुमान लगाने के लिए सर्वेक्षण किया गया था। इस सर्वेक्षण से यह पता चला है कि हमारे स्वास्थ्य के संरक्षक खुद खतरे में हैं।

25-60 आयु वर्ग के 868 पुरुष और 132 महिला डॉक्टर्स का सर्वे

एंथ्रोपोमेट्री (मानव शरीर माप), मेडिकल हिस्ट्री, बीएमआई कैटेगरी, शारीरिक सक्रियता का स्तर, कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, फैट, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन के सेवन को ध्यान में रखते हुए लगभग 25 से 60 आयु वर्ग के अंतगर्त 868 पुरुष और 132 महिला डॉक्टर्स का सर्वेक्षण किया गया। इन सभी डॉक्टर्स ने फिटरफ्लाई वेलनेस ऐप में अपने भोजन और शारीरिक सक्रियता की जानकारी दर्ज की। इस वेलनेस ऐप के पास विभिन्न आयु वर्गों और स्वास्थ्य अवस्थाओं के लिए विभिन्न रेसिपीज और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की गणना करने का भारत का सबसे बड़ा डेटाबेस है।

सर्वे में आई डॉक्टर्स की सेहत रिपोर्ट

  • सर्वे में पता चला कि अधिक वजन और मोटापे की श्रेणी में 60% से अधिक डॉक्टर्स का बीएमआई था।
  • 71% डॉक्टर्स की कोई पूर्व स्वास्थ्य की अवस्था नहीं थी। 6% डायबिटीज से ग्रस्त थे, 10% को उच्च रक्तचाप था और 5% को डायबिटीज और उच्च रक्तचाप दोनों था।
  • अन्य सामान्य स्वास्थ्य अवस्थाओं में डिस्लिपिडेमिया, जीआई डिसफंक्शन, अस्थमा, पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), गठिया, माइग्रेन और हाइपोथायराॉयडिज्म शामिल हैं।
  • अधिकांश डॉक्टर्स में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स- प्रोटीन, कार्ब्स और वसा की खपत में असंतुलन था। वास्तव में, 67% डॉक्टर कम प्रोटीन का सेवन कर रहे थे जैसा कि उनके दैनिक कैलोरी के 10% से भी कम प्रोटीन से प्रमाणित होता है।
  • 77% डॉक्टर अनुशंसित मात्रा से अधिक यानि खतरनाक मात्रा में फैट का सेवन कर रहे थे।

सूक्ष्म पोषक तत्वों के विश्लेषण के निष्कर्षों से पता चला है कि सर्वेक्षण में शामिल डॉक्टर्स में से 10% से भी कम विभिन्न विटामिन और खनिजों जैसे जिंक, ओमेगा 3 और आयरन के रेकमेंडेड वैल्यू के 75% को प्राप्त कर रहे थे।

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फिटरफ्लाई के सह-संस्थापक और सीईओ डॉ. अरबिंदर सिंगल ने किए गए अध्ययन के बारे में कहा, 'डॉक्टर राष्ट्र के स्वास्थ्य के मशाल वाहक हैं, जो एक बहुत बड़ी आबादी को बीमारियों से मुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन, उनका बीजी शेड्यूल उन्हें अपने रोगियों को जो करने के लिए कहते हैं, उसका अभ्यास करने की अनुमति नहीं देते हैं।'

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