
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
वर्तमान में सरकार ने कोरोना वैक्सीन की 2 डोज के बीच 28 दिनों का अंतर रखा है।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) का टीका लगना 16 जनवरी, 2021 से शुरू हो चुका है। सरकार की ओर से वैक्सीन को लेकर कई बार यह बयान आ चुका है कि (Covishield) और (Covaxin) दोनों ही वैक्सीन एकदम सुरक्षित हैं। इसके बावजूद मुंबई में कुछ डॉक्टर्स द्वारा कोविशील्ड को रिजेक्ट कर कोवैक्सीन को अपनाने का मामला सामने आया है।
मुंबई में जेजे हॉस्पिटल (Mumbai's JJ Hospital) में 8 डॉक्टरों द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड (Covishield) के बजाय कोवैक्सीन (Covaxin) को अपनाने की बात सामने आई है। जिन 8 लोगों ने कोविशील्ड (Covishield) की जगह कोवैक्सीन का टीका लगाया है उनमें से एक गायनकोलाजिस्ट, उनकी पीडियाट्रिशियन पत्नी और इनका बेटा जो मेडिकल इंटर्न है, दो ओफ्थल्मोलॉजिस्ट, एक पोर्ट हेल्थ अधिकारी और एक पेनवेल बेस्ड क्रिटिकल केयर फिजिशियन शामिल थे।
पोर्ट हेल्थ अधिकारी डॉक्टर विवेक ने कहा कि उन्हें कोवैक्सीन (Covaxin) की तकनीक पर ज्यादा भरोसा लगा इसलिए उन्होंने इस वैक्सीन का चुनाव किया है। उनका मानना है कि कोवैक्सीन (Covaxin) को बनाने में जिस टेक्नोलॉजी का यूज हुआ है वह वायरस के प्रभाव को जल्दी कम कर सकती है। जबकि पेनवेल बेस्ड क्रिटिकल केयर फिजिशियन डॉक्टर सुप्रिया ने कहा "कोवैक्सीन की दक्षता को चेक करने में काफी समय लगा है। इसलिए मुझे इस वैक्सीन पर ज्यादा भरोसा है। मेरे पास कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) दोनों वैक्सीन में से किसी एक को लेने का विकल्प था। मैं कोवैक्सीन की डोज लेना चाहती थी।" गोरेगांव बेस्ड गायनकोलाजिस्ट डॉक्टर सुधीर नाइक, उनकी पत्नी और बेटे ने भी कोवैक्सीन (Covaxin) की डोज ली। डॉक्टर नाइक ने कहा कि शाम तक उन्हें वैक्सीन लेने के बाद किसी भी तरह का दर्द नहीं हुआ।
तीसरे चरण का ट्रायल पूरा न करने और एमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अप्रूवल मिलने के बाद से ही भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा विकसित वैक्सीन, कोवैक्सीन विवादों में रही है। वैक्सीन एक "क्लिनिकल ट्रायल मोड" में दी गई है, जिसमें प्राप्तकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित सहमति के साथ सूचित किया गया है। डॉ शंखे ने कहा कि मुंबई के केंद्र में एमएमआर के सभी डॉक्टरों के फोन आ रहे हैं जो इसे लेने के लिए तैयार हैं।