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म्यूजिक पर पैरों का थिरकना बेस (BASS) पर निर्भर करता है। © Shutterstock
जब कहीं कोई गाना (म्यूजिक) बजता है, तो आपके पैर और आपका मन दोनों ही झूमने लगते हैं। पैर म्यूजिक को सुनते ही थिरकना शुरू कर देते हैं। आखिर क्यों होता है ऐसा, कभी आपने सोचा है? कई शोधों में यह बात आई है कि म्यूजिक सुनते ही मन खुश हो जाता है। खुशी का अनुभव होते ही लोग झूमने लगते हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन में ऐसा होने के पीछे कुछ और ही वजह को जिम्मेदार ठहराया है। यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया में काफी दिनों से किया जा रहा था, जिसका परिणाम हाल ही में सामने आया है।
क्यों थिरकने लगते हैं पांव
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि म्यूजिक पर पैरों का थिरकना बेस (BASS) पर निर्भर करता है। शोध के दौरान निम्न और उच्च आवृत्ति वाली आवाजों यानी लो फ्रीक्वेंसी और हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड पर मस्तिष्क के भीतर होने वाले परिवर्तनों का शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया। इन्हीं आवाजों से म्यूजिक की रिदम तैयार होती है।
मस्तिष्क की हरकत को समझने के लिए इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी नामक यंत्र का इस्तेमाल किया गया था। शोधकर्ताओं ने पाया कि मस्तिष्क की हर हरकत धुन की आवृत्ति पर निर्भर करती है। अगर किसी गाने में बेस ज्यादा है तो पैर थिरकने के लिए ज्यादा मचलेंगे और लोग ज्यादा नाचेंगे। वहीं कम बेस वाले गाने लोगों को नाचने पर मजबूर नहीं कर पाते।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि उनकी रिसर्च कई तरह की मेडिकल कंडिशन को समझने और इलाज करने में इस्तेमाल हो सकती है। वैसे आजकल म्यूजिक थेरेपी के जरिए भी लोगों का इलाज किया जा रहा है। आने वाले समय में संगीत न सिर्फ मन को आराम बल्कि इलाज के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।