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सुहावने मौसम में न करें सेहत की लापरवाही

इस सुहावने मौसम में आपको लग सकता है कि अब खुद का ज्‍यादा ख्‍याल रखने की जरूरत नहीं है और जो चाहें वह खा सकते हैं।

माघ महीना समाप्‍त होने के बाद फाल्‍गुन की शुरूआत हो चुकी है। इस सुहावने मौसम में आपको लग सकता है कि अब खुद का ज्‍यादा ख्‍याल रखने की जरूरत नहीं है और जो चाहें वह खा सकते हैं। मौसम के लिहाज से भले ही यह महीना सुहावना है पर इस दौरान अपने शरीर के प्रति बिल्‍कुल भी लापरवाही न बरतें। खासतौर से बच्‍चों और बुजुर्गों के लिए तो और भी एहतियात बरतने की जरूरत है।

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बढ़ सकता है वायरल और फ्लू का प्रकोप

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बदलते मौसम में सेहत का ख्याल नहीं रखना भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि खान-पान तथा रहन-सहन के मामले में खास ध्यान देने की जरूरत है। आजकल वायरल बुखार के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में वायरल बुखार के मरीज हैं। इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गो को एहतियात बरतने की जरूरत है।

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सावधानियां बरतने की जरूरत

मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां ले आता है।

मौसम में तेज उतार-चढ़ाव के अनुसार शरीर अपने आप को ढाल नहीं पाता और हम बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। साफ वस्त्र ही पहनें।

इन दिनों खान-पान तथा पहनावे पर ध्यान देने की जरूरत है। कई लोग गर्म कपड़े पहनना बंद कर देते हैं। इस पर ध्यान दें।

थोड़ी सी गर्मी लगने पर फौरन पंखा चलाने की जरूरत नहीं है।

ठंडे पदार्थो का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है।

अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।

चिकित्सक की सलाह से रक्त जांच अवश्य कराएं।

पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करें। कम से कम 10 गिलास पानी प्रतिदिन लें।

पौष्टिक आहार लें, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

इस मौसम में सुबह-शाम हल्के गर्म कपडे़ पहने, ताकि उस समय होने वाली सर्दी से बचा जा सके।

सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।

इस समय के खुश्क वातावरण में खांसी एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे पीड़ित मरीज रोजाना भाप ले और नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करें।

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