... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : February 5, 2019 2:47 PM IST
निम्न रक्तचाप को चिकित्सा की भाषा में हाइपोटेंशन (Hypotension) कहते हैं। निम्न रक्तचाप एक आम समस्या है और ज्यादातर व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित रहते हैं पर इससे अनजान भी बने रहते हैं। ©Shutterstock.
सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है। इसमें 120 सिस्टोलिक प्रेशर की माप और 80 डायस्टोलिक प्रेशर की माप है। जब हृदय शरीर में खून को पंप करता है तो धमनियों (arteries) के भीतर दबाव उत्पन्न होता है, इसी दबाव को सिस्टोलिक प्रेशर कहते हैं। जब धमनियों में दबाव कम होता है और हृदय स्थिर अवस्था में होता है तो इसे डायस्टोलिक प्रेशर कहते हैं।
यह भी पढ़ें - सरवाईकल कैंसर के सर्वाधिक मामले 37-45 वर्ष आयुवर्ग की महिलाओं में
सरल शब्दों में निम्न रक्तदाब या हाइपोटेंशन एक प्रकार का दाब है जिसके कारण हमारे शरीर की धमनियों (arteries) और नसों में ब्लड का प्रवाह धीमा हो जाता है। इसके कारण हमारे मस्तिष्क, लिवर और हृदय सहित अन्य इंद्रियों में ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाती है जिसके कारण हमारी इंद्रियां या तो क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या काम करना बंद कर देती हैं। निम्न रक्तचाप की पहचान शरीर में दिखने वाले लक्षणों के आधार पर की जाती है।
यह भी पढ़ें – मोबाइल फोन बन रहा है ब्रेन कैंसर का कारण, पहचानें इसके शुरूआती लक्षण
पहचानें लो बीपी के लक्षण
निम्न रक्तचाप के लक्षण – निम्न रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति का ब्लड प्रेशर जब 90/60 से नीचे आ जाता है तो उसके शरीर में कई असामान्य लक्षण दिखायी देने लगते हैं।
निम्न रक्तचाप के लक्षण और अधिक गंभीर हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर कम होने पर कुछ व्यक्तियों को घबराहट होती है जबकि कुछ लोग खुद को बीमार महसूस करते हैं।
यह भी पढ़ें - गर्भावस्था का संकेत है मॉर्निंग सिकनेस, घबराएं नहीं बस ध्यान रखें
कारण भी समझें
प्रेगनेंसी, हार्मोनल समस्याएं जैसे कि हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज, निम्न रक्त शर्करा (hypoglycemia)।
कुछ विशेष दवाओं का प्रभाव।
हार्ट फेल होना।
डिप्रेशन, उच्च रक्तचाप और पर्किंसन रोग (Parkinson’s disease) की दवाओं के सेवन से।
हृदय की लय असामान्य हो जाने से (abnormal heart rhythms)।
रक्त वाहिलकाओं के अधिक फैल (dilation) जाने से
गर्मी, थकावट या हार्ट स्ट्रोक से
लिवर की बीमारी से
इसके अलावा कुछ अन्य कारणों से भी ब्लड प्रेशर का स्तर नीचे गिर जाता है। ये कारण इस प्रकार हैं।
अत्यधिक ब्लीडिंग होने से
शरीर का तापमान कम होने से
शरीर का तापमान उच्च होने से
हृदय की मांसपेशियों की बीमारी के कारण हार्ट फेल हो जाने से
ब्लड इंफेक्शन से
उल्टी, डायरिया, बुखार के कारण गंभीर डिहाइड्रेशन होने से
दवा या एल्कोहल के रिएक्शन के कारण
एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) जैसे एलर्जिक रिएक्शन से भी रक्तचाप कम हो जाता है।
यह भी पढ़ें – ‘पैड यात्रा’ से तोड़ेंगे माहवारी के मिथ
जरूरी है जांच
निम्न रक्तचाप के निदान के लिए डॉक्टर मरीज से उसकी उम्र, विशेष लक्षण और परेशानी के बारे में पूछते हैं। इसके बाद रोगी का शारीरिक परीक्षण किया जाता है। इसके अलावा डॉक्टर मरीज का ब्लड प्रेशर और पल्स दर (pulse rate) भी कई बार चेक करते हैं। मरीज को लिटाकर कुछ मिनट के बाद उसका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट चेक किया जाता है, उसके बाद खड़ा कराकर कुछ मिनट बाद यही परीक्षण दोबारा किया जाता है।
शारीरिक परीक्षण के अलावा निम्न रक्तचाप के निदान के लिए हृदय की गति और लय (rhythm) मापने के लिए ईसीजी (electrocardiogram) टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा इकोकार्डियोग्राम नामक अल्ट्रासाउंड टेस्ट और ब्लड टेस्ट एवं ब्लड शुगर लेवल की जांच भी की जाती है।
ऐसे किया जा सकता है उपचार
निम्न रक्तचाप का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है। अगर ब्लड प्रेशर कम हो जाता है तो उसके लिए व्यक्ति को हृदय रोगों, डायबिटीज और संक्रमण की दवाएं दी जाती हैं।
ब्लड प्रेशर घटने पर इससे छुटकारा पाने के लिए अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह मरीज को दी जाती है। यदि मरीज को उल्टी या डायरिया हो रही हो तो उसे विशेषरूप अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है।
शरीर को हाइड्रेट रखने से निम्न रक्तचाप के लक्षणों से बचा जा सकता है। यदि लंबे समय तक खड़े रहने के कारण आप निम्न ब्लड प्रेशर महसूस कर रहे हैं तो थोड़ी देर बैठकर आराम करने से यह सामान्य हो जाता है।
निम्न ब्लड प्रेशर को दूर करने के लिए मरीज को कम तनाव लेने और भावनात्मक आघात (emotional trauma) से बचने की सलाह दी जाती है।
अगर व्यक्ति को अक्सर निम्न ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है तो उसे अपने एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर चढ़ाकर नहीं बैठना चाहिए।
सदमा लगना निम्न रक्तचाप का सबसे गंभीर रूप है। गंभीर हाइपोटेंशन का इलाज तुरंत कराना चाहिए अन्यथा यह जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है।