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41 साल की अभिनेत्री व भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट की मृत्यु 23 अगस्त को दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने के बाद हुई। ये घटना गोवा में घटित हुई। दरअसल, अभिनेत्री यहां एक शूटिंग के लिए गई थी। गोवा पुलिस ने दावा किया है कि, सोनाली फोगट की हत्या के मामले में जब्त की गई दवा की पहचान मेथमफेटामाइन (Methamphetamine) के रूप में की गई है, ये ड्रग उनके दो सहयोगियों ने उन्हें पिलाई थी। जिसके ओवरडोज से उनकी मृत्यु हो गई। ऐसे में मेथमफेटामाइन को लेकर अब तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं कि मेथमफेटामाइन ड्रग क्या है, मेथमफेटामाइन कितनी हानिकारक है और इसका हार्ट अटैक से क्या सम्बन्ध है?
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, मेथमफेटामाइन एक शक्तिशाली, अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला, जो सेन्ट्रल नर्वस सिस्टम को स्टिमुलेट (उत्तेजित) करता है जिसका उपयोग ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) के लिए रिक्रिएशन ड्रग और थेरेपी के रूप में किया जाता है। यह दिखने में सफेद, गंधहीन, कड़वा और क्रिस्टलीन पाउडर का रूप ले लेता है, जो शराब या पानी में आसानी से घुल जाता है।
मेथमफेटामाइन को 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में अपनी मूल दवा, एम्फ़ैटेमिन से विकसित किया गया था, और मूल रूप से नाक के डीकॉन्गेस्टेंट और ब्रोन्कियल इनहेलर्स में इस्तेमाल किया गया था। एम्फ़ैटेमिन की तरह, मेथामफेटामाइन गतिविधि और बातूनीपन को बढ़ाने, भूख में कमी और अत्यधिक सुखद भावना का कारण बनता है। हालांकि, मेथमफेटामाइन एम्फ़ैटेमिन से अलग होता है। इसका सेन्ट्रल नर्वस सिस्टम पर लंबे समय तक चलने वाला और अधिक हानिकारक प्रभाव पड़ता है। मेथमफेटामाइन की ये विशेषताएं इसे बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की वजह बनाती हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेथामफेटामाइन के सेवन से दिल का दौरा भी पड़ सकता है। वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में एक साइंटिस्ट ने कहा, "मेथामफेटामाइन अपने आप में दिल के दौरे का कारण नहीं हो सकता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर इसका परिणाम कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। रिक्रेशनल ड्रग से अत्यधिक बेहोशी हो सकती है, जो हृदय सहित विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकती है।”
पिछले साल अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जर्नल में भी मेथामफेटामाइन द्वारा दिल को नुकसान पहुंचाने संबंधी दावे पेश किये गए थे। मेथामफेटामाइन, जिसे मेथ के रूप में भी जाना जाता है, जो रक्त वाहिकाओं की ऐंठन और रक्तचाप में जानलेवा स्पाइक्स को ट्रिगर करके हृदय प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। यह धमनियों में प्लाक को भी बढ़ा सकता है और हृदय की विद्युत प्रणाली को फिर से तार-तार कर सकता है। लंबे समय तक मेथामफेटामाइन का उपयोग पतला कार्डियोमायोपैथी के एक गंभीर रूप से जुड़ा हुआ है, एक ऐसी स्थिति जिसमें कमजोर हृदय की मांसपेशी बढ़ जाती है और पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाती है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेथमफेटामाइन हमारे मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन को बढ़ाता है। डोपामाइन हमारे माइंड में बनने वाला एक ऐसा केमिकल है जो इंसान को आनंदित रखता है। जब इस हार्मोन का लेवल बढ़ता है तो ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है और इंसान आमतौर पर अति उत्साहित महसूस करता है। यही वजह है कि लोगों को मेथमफेटामाइन की लत लग जाती है, और इसके ज्यादा इस्तेमाल से इंसान की मौत भी हो सकती है।
अमेरिका में युवाओं के बीच बढ़ती मेथमफेटामाइन का प्रयोग एक बहुत बड़ी समस्या है। साल 2017 के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका की आबादी के 5.4 प्रतिशत लोगों ने कम से कम एक बार ये ड्रग लिया है।