डायबिटीज के मरीजों को 23% अधिक है रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा, जानें कारण
हाल ही में आई एक स्टडी में साफ हुआ है कि टाइप 2 डायबिटीज मरजों में रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा 23% अधिक होता है। यहां ये संकेत मिलता है कि ये दोनों ही रोग शरीर के इन्फ्लामेट्री रेस्पॉंस से जुड़े हैं। ये अध्ययन Zixing तियान और डॉ एड्रियन हेडल, मैनचेस्टर विश्वविद्यालय, ब्रिटेन और सहयोगियों द्वारा आयोजित किया गया था। टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत और प्रगति में सूजन एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में उभरा है, जबकि रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून और सूजन संबंधी बीमारी है। लेखकों ने पाया कि आम लोगों की तुलना में डायबिटीज के मरीजों को रूमेटाइड अर्थराइटिस होने का 23 प्रतिशत खतरा अधिक रहता है।
हाल ही में आई एक स्टडी में साफ हुआ है कि टाइप 2 डायबिटीज मरजों में रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा 23% अधिक होता है। यहां ये संकेत मिलता है कि ये दोनों ही रोग शरीर के इन्फ्लामेट्री रेस्पॉंस से जुड़े हैं। ये अध्ययन Zixing तियान और डॉ एड्रियन हेडल, मैनचेस्टर विश्वविद्यालय, ब्रिटेन और सहयोगियों द्वारा आयोजित किया गया था। टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत और प्रगति में सूजन एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में उभरा है, जबकि रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून और सूजन संबंधी बीमारी है। लेखकों ने पाया कि आम लोगों की तुलना में डायबिटीज के मरीजों को रूमेटाइड अर्थराइटिस होने का 23 प्रतिशत खतरा अधिक रहता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
शोधकर्ताओं ने सुझाव देते हुए कहा हैं कि रूमेटाइड अर्थराइटिस वाले लोगों में मधुमेह के जोखिम वाले कारकों की अधिक गहन जांच और प्रबंधन पर विचार किया जाना चाहिए। सिस्टमिक इन्फ्लामेट्री मार्कर को कम करने वाले एजेंट टाइप 2 मधुमेह को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसमें एक से अधिक मार्ग पर फ़ोकसिंग शामिल हो सकता है।
डायबिटीज से बचाव के तरीके
1. आहार में गेहूं और बहु अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करके आसानी से मधुमेह से बच सकते हैं।
2. मधुमेह को रोकने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक नियमित ब्लड शुगर चेक है।
3. एक स्वस्थ जीवनशैली जिसमें कुछ नियमित शारीरिक गतिविधि शामिल हैं, आसानी से मधुमेह को रोकने या देरी करने में आपकी सहायता कर सकती है।
4. पूरी नींद लें। नींद की कमी शरीर के हार्मोनल संतुलन को परेशान कर सकती है, जो मधुमेह का कारण बन सकती है।
5. प्रतिदिन ढेर सारा पानी पीने से न केवल शरीर के शारीरिक कार्यों को नियमित करने में मदद मिलती है, बल्कि यह हृदय और मधुमेह की समस्याओं की संभावना को कम करता है।
क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस और उपचार
रूमेटाइड अर्थराइटिस, अर्थराइटिस का एक अन्य प्रकार है। यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें इम्यून सिस्टम शरीर के सेल्स और जोड़ों को प्रभातिव करता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण जोड़ों में सूजन, दर्द और कठोरता आ जाती है। इसमें रोग प्रतिरोधक तंत्र के कुछ सेल्स सही तरीके से काम नहीं कर पाते। इसे नजरंदाज करने से जोड़ों में सूजन और गंभीर क्षति हो सकती है। इस रोग में डॉक्टर स्टेरॉइड्स रहित मेडिसिन के जरिए होने वाली जकड़न, सूजन व दर्द को नियंत्रित करते हैं। एंटी-रूमेटिक दवाई की मदद से बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जाता है। यदि रोगी क्षतिग्रस्त जोड़ों की असहनीय दर्द से पीड़ित है, तो उसे ज्वॉइंट्स प्रत्यारोपण की सलाह दी जाती है।