Diabetes and Coronavirus: टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है कोरोना, इन कारणों से हो सकती है 7 दिनों में मौत

हाल ही में डायबिटीज रोगियों से संबंधित एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना से संक्रमित 10 मरीजों में से एक डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति की मौत 7 दिनों के अंदर हो सकती है और पांच में से एक मरीज को वेंटिलेटर की जरूर पड़ सकती है।

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Written By: Anshumala | Updated : May 31, 2020 9:16 AM IST

Diabetes and Coronavirus : कोरोनावायरस से संबंधित हर दिन कोई ना कोई नई बातें सामने आती रहती हैं। कोरोना उन लोगों के लिए और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है, जो पहले से ही किसी ना किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं। इसमें डायबिटीज रोगियों के लिए खतरा (Diabetes and COVID-19) सबसे अधिक है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत को लेकर काफी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसा इसलिए, क्योंकि डायबिटीज के मरीजों की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।

विशेषज्ञों ने हमेशा से लोगों को कहा है कि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें कोरोना से संक्रमित होने का खतरा अधिक है। हाल ही में डायबिटीज रोगियों से संबंधित एक और चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना से संक्रमित 10 मरीजों में से एक डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति (Diabetes and Coronavirus) की मौत 7 दिनों के अंदर हो सकती है। पांच में से एक मरीज को वेंटिलेटर की जरूर पड़ सकती है।

यह रिपोर्ट फ्रांस के नानटेस यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए अध्ययन के बाद जारी की गई है। शोधकर्ताओं ने 10 से 13 मार्च के बीच 53 फ्रांस के हॉस्पिटल में एडमिट हुए लगभग 1, 317 कोरोना मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन में पता चला है कि इनमें सबसे ज्यादा डायबिटीज टाइप 2 के मरीज थे, जिनका आंकड़ा 90 फीसदी था। सिर्फ तीन प्रतिशत लोगों को टाइप 3 डायबिटीज की समस्या थी और अन्य लोगों को दूसरे तरह की डायबिटीज की समस्या थी।

कई तरह की समस्याएं देखी गईं

डायबिटीज के इन मरीजों को किसी ना किसी तरह की अन्य शारीरिक समस्याएं भी थीं। 47 फीसदी लोगों में आंख, किडनी, नसों में समस्याएं देखी गईं, जबकि 41 फीसदी में हार्ट, दिमाग और पैरों से संबंधित समस्याएं थीं। इनमें से 5 में से एक मरीज को 7वें दिन ही वेंटिलेटर की जरूरत पड़ गई और 10 मरीज में से एक की मौत भी हो गई।

शोध में क्या मुख्य बात आई सामने

फ्रांस के नानटेस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि 7वें दिन माइक्रोवैस्कुलर जटिलताओं के कारण ऐसे मरीजों में मौत का खतरा (Diabetes patient and Covid-19 risk) दोगुना हुआ। मौत का एक और कारण अधिक उम्र होना भी था। शोधकर्ताओं का कहना है कि एक 75 वर्ष से अधिक उम्र के कोविड संक्रमित व्यक्ति की मौत 55 वर्ष से कम उम्र के रोगियों की तुलना में 14 गुना अधिक होती है। इसके साथ ही सांस संबंधित परेशानियां भी एक सप्ताह के अंदर मौत के खतरे को तीन गुना बढ़ा देती हैं।

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डायबिटीज से पीड़ित बुजुर्गों को है अधिक खतरा

ऐसे बुजुर्ग जो लोग सालों से डायबिटीज के मरीज हैं, जिनमें डायबिटीज़ से जुड़ी गंभीर जटिलताएं (Diabetes and Coronavirus risk) हैं, श्वसन संबंधी (Respiratory) परेशानियां हैं, उनमें मौत की संभावना जल्दी रहती है। ऐसे में कोरोनावायरस से बचने के लिए खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। एक बार गंभीर रूप से पीड़ित डायबिटीज के मरीज को कोविड-19 हो जाए, तो उसके लिए राह आसान (Diabetes patient and Covid-19 risk) नहीं है। ऐसे में ब्लड शुगर को मेंटेन रखने के लिए इंसुलिन और अन्य उपचार लेते रहने से कोविड-19 (COVID-19) के गंभीर रूपों से बचा जा सकता है। इस अध्ययन के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) से ग्रस्त लोग जिनकी उम्र 65 वर्ष से कम थी, उनमें कोरोनावायरस के कारण किसी की भी मौत नहीं हुई।

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