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पिछले साल के मुकाबले 6 गुना तक बढ़े डेंगू के मामले, जानें कैसे बढ़ा प्रकोप
मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने हाल ही में मच्छर जनित बीमारियों से अब तक सामने आए मामलों के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके मुताबिक इस बार शहर में बीते साल के मुकाबले डेंगू के मामलों में छह गुना तक की वृद्धि हुई है। बीते साल ही महामारी फैली थी और पिछले साल डेंगू के सबसे कम मामले सामने आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, डेंगू के मामले अब महामारी से पहले के स्तर तक पहुंच गए है। राहत की खबर ये है कि अभी तक मृत्यु की संख्या दोहरे अंक तक नहीं पहुंची है।
बीएमसी ने हाल ही में मानसून से संबंधित बीमारियों का एक चार्ट जारी किया, जिसमें ये दर्शाया गया है कि बीते साल जहां डेंगू के मामले सिर्फ 129 थे वहीं अब मामलों की संख्या बढ़कर 821 हो गई है। डेंगू के साथ-साथ चिकनगुनिया के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिली है, जो डेंगू फैलाने वाले मच्छर द्वारा ही फैलता है। हालांकि शहर में मलेरिया और एच1एन1 मामले अभी सामान्य संख्या में दर्ज किए गए हैं। हैरानी की बात ये है कि एंटरिक रोग और हेपेटाइटिस ए सहित आंत्र रोग की संख्या लगातार दूसरे वर्ष भी काफी कम ही सामने आए हैं।
बात करें इन बीमारियों से मृत्यु की तो इस साल मानसूनी बीमारियों ने सिर्फ सात लोगों को अपना शिकार बनाया है, जबकि ये संख्या 2020 में 12 और 2019 में 20 रही थी।
बीएमसी के कीटनाशक अधिकारी राजन नारिंगरेकर के मुताबिक, जनवरी से नवंबर के बीच शहर में डेंगू के 821 मामले सामने हैं और 3 लोगों की मौत हुई है जबकि पिछले साल कुल मामलों की संख्या 129 रही थी और 3 मौतें हुई थीं। हालांकि 2019 में डेंगू के 920 मामले और 2018 में 1,003 मामले सामने आए थे।
2020 में डेंगू के कम मामलों पर बोलते हुए अधिकारी ने कहा कि टेस्टिंग की कमी और 2020 में लोगों की आवाजाही के कम होने की वजह से मामले काफी कम देखने को मिले थे। लेकिन इस साल फिर वही जैसे हालात, रुक-रुक कर बारिश और जलवायु परिस्थितियों के कारण सामान्य हो गए हैं।
डेंगू को रोकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डेंगू के प्रकोपको रोकने के लिए घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, मुंबई में झुग्गी बस्तियों में सामूहिक रूप से 18 लाख से अधिक ड्रम में पानी जमा होता है, जो डेंगू के फैलने का एक संभावित स्रोत हो सकता है।
डेंगू फैलाने वाले एडीज एज्पिटी मच्छर से ही चिकनगुनिया फैलता है, जिसके अभी तक 60 मामले सामने आए हैं। बीएमसी का कहना है कि उन्हें लगता था कि सिर्फ यही एक बीमारी है, जो 2021 में बढ़ेगी। हैरानी की बात ये है कि बीते वर्ष मलेरिया के मामले डेंगू से थोड़े अधिक सामने आए थे। मुंबई में 2020 में मलेरिया के 5,007 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में इन मामलों की संख्या 4,357 थी। हालांकि इस साल भी, मलेरिया के 4,813 मामले सामने आए हैं लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार कोई मौत नहीं हुई है।