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Written By: Editorial Team | Published : August 19, 2018 2:31 PM IST
A boy died of dengue in Kolkata © Shutterstock
डेंगू एक बार फिर से अपना प्रकोप दिखाने के लिए सक्रिय हो चुका है और इस बार इसने अपनी शुरुआत छत्तीसगढ़ से की है। छत्तीसगढ़ के कई शहर इस वक्त डेंगू की चपेट में आ चुके हैं ।
भिलाई, दुर्ग व राजनंद गांव में डेंगू ने कुछ इस तरह से कहर बरपाया है कि कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं । इसमें मरने वालों की संख्या 17 हो चुकी है । इसके अलावा, राज्य के और भी कई हिस्सों मे डेंगू तेजी से फैल रहा है।
बचने के उपाय
विद्यार्थियों को बीमारी से बचाने के लिए लोक शिक्षण विभाग ने सतर्कता दिखाते हुए अलर्ट जारी किया है। इस बीमारी को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में पालन करने के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं। शासन से आए निर्देशों के अनुसार, स्कूलों मे नियमित साफ-सफाई के अलावा पानी जमा होने वाली जगह पर ब्लीचिंग पाउडर व डीडीटी का छिड़काव करने की बात कही गई है ।
स्कूलों को निर्देश
इसके साथ बच्चों को मिड डे मील के दौरान पानी उबालकर पिलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्कूल परिसर में टैंक, अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज, कूलर, पानी के कंटेनर या आस-पास बनी नालियों की नियमित सफाई रखनी है । परिसर में किसी भी प्रकार से पानी जमा नहीं होने देना है, ताकि वहां मच्छर पनपने ना पाएं।
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जारी निर्देश के अनुसार, स्कूल परिसर की ऐसी जगह जहां मच्छर पनपने का खतरा दिखाई देता हो, वहां मिट्टी का तेल, ब्लीचिंग पाउडर, कीटनाशक आदि स्वास्थ्य विभाग के केंद्रों से प्राप्त कर छिड़काव करना है । वहीं जहां संभव हो सके स्कूल में मॉस्किटो क्वायल, स्प्रे या लिक्विड मशीन का उपयोग कर बच्चों को मच्छरों से पूरी तरह बचाने के उपाय करने हैं।
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बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्देश
स्कूल परिसर के अलावा, शौचालय में भी नियमित साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मिशन ने स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय इकाइयों से भी डेंगू रोधी पोस्टर पैंपलेट प्राप्त कर स्कूलों में उसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करने के ऑर्डर जारी किये गये हैं । इसके साथ ही आदेश जारी कर कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि उन्हें पूरे ढंके हुए कपड़े ही पहनाए जाएं।
चित्रस्रोत: Shutterstock.