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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 15, 2022 2:51 PM IST
बेंगलुरू के लोगों के सामने कोविड के बाद इस बीमारी की बढ़ी मुश्किलें! स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर कर रहा सर्वे
बीते दो वर्षों से लोग कोरोना से लड़ने को मजबूर हैं लेकिन बेंगलुरू के लोग इस साल सिर्फ कोविड से नहीं बल्कि डेंगू की चुनौती से भी जूझ रहे हैं और उनके लिए अब नहीं दो-दो मुश्किलें सामने हैं। बेंगलुरू में डेंगू के लार्वा का सोर्स पता लगाने के लिए डोर टू डोर हेल्थ सर्वे चल रहा है, जिसमें से 3,954 जगह का पता चला है, जहां डेंगू का लार्वा मिला है। ये हॉट स्पॉट डेंगू के बढ़ते मामलों के पीछे की असल वजह हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन वाली जगहों का पता लगाने के लिए 2, 03,403 घरों और 2, 98,962 जगहों का सर्वे किया था।
बेंगलुरू के म्यूनिसिपल कॉर्परेशन के विशेष आयुक्त डॉ. हरीश राज का कहना है कि इसमें से 3,954 जगह को डेंगू मच्छरों के लिए संभावित प्रजनन वाली जगह के रूप में पाया गया है। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिन में डेंगू के 38 मामले सामने आए हैं, जिसमें से सबसे ज्यादा दसरहल्ली जोन में पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से 1855 लोगों को बुखारजैसा लक्षण महसूस हुआ है और उन्होंने इसकी शिकायत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में की है। उन्होंने कहा कि जब हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने इन लोगों की जांच की तो पता चला कि 674 को बुखार था, 36 को बैचेनी व दस्त और 123 लोगों को गंभीर रूप से सांस से जुड़ी बीमारियां थीं।
इसके अलावा पिछले एक सप्ताह से नलों से आने वाले पानी का भी सर्वे किया गया। इस सर्वे में एकाएक तीन जन नलकों, 513 बोरवैल, 471 आरओ प्लांट और 274 भोजनालयों के पानी की जांच की गई। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी का भी सैंपल दूषित या गंदा नहीं पाया गया है। अभी तक हमारे पास हैजा का कोई ताजा मामला सामने नहीं आया है।
शहर के सामने मुंह बाए खड़ी इस दोहरी चुनौती के बारे में राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. के सुधाकर का कहना है कि हम एहतियाती कदम उठा रहे हैं और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि डेंगू और कोविड जैसी चुनौती से निपटा जा सके।
सुधाकर ने कहा कि भले ही कोविड के मामले बढ़ रहे हों लेकिन अभी गंभीर रूप से बीमार लोग सामने नहीं आए हैं। इतना ही नहीं मृत्यु दर में भी कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं देखी गई है। मैं उन सभी लोगों से जिन्हें एक से ज्यादा बीमारियां हैं वो बूस्टर डोज लगवाएं और बच्चों को उनकी वैक्सीन दिलवाएं। इसके अलावा कोविड नियमों का पालन और भीड़ में मास्क जरूर लगाएं।
सुधाकर का कहना है कि टेस्ट की संख्या बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से कोविड के मामलों की संख्या पर फर्क दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने वाली मरीजों की संख्या में कमी देखी गई है। इसलिए चौथी लहर की बात करना अभी सही नहीं है।