
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 23, 2022 9:50 AM IST
भारत में कोरोना में कोरोना की एक के बाद एक करके तीन लहरें आ चुकी हैं और हर बार कोरोना अपना रूप बदलकर आता है। इसी बीच भारत में कोरोना के एक नए वेरिएंट ने दस्तक दी है, जिसके बारे में बताया जा रहा है कि यह डेल्टा (Delta) और ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट मिलकर (Omicron Delta recombinant virus) बना है। बता दें कि अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस और इजरायल जैसे देशों में पहले ही इस नए वेरिएंट की पहचान हो चुकी है और अब भारत के कई राज्यों में भी इसके मामले रिपोर्ट किए गए हैं। कोविड जीनोमिक्स कंसोर्सियम (INSACOG) और GSAID ने इशारा किया है कि 568 मामलों पर अभी जांच की जा रही है। डेल्टा और ओमीक्रॉन के रेकॉम्बीनैंट को डेल्टाक्रॉन (Deltacron) नाम दिया गया है। इस नए वेरिएंट से भारत में कोविड 19 की चौथी लहर (Fourth covid 19 wave in india) आने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही इंटरनेट पर मिल रही जानकारी के अनुसार कुछ एक्सपर्ट्स यह भी कह रहे हैं कि डेल्टा और ऑमिक्रॉन दोनों के गुणों वाला यह वायरस काफी खतरनाक हो सकता है।
तेलंगाना टूडे की रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक में कोरोना के 221 और तमिलनाडु में 90 मामलों में डेल्टाक्रॉन संकेत मिले हैं। वहीं महाराष्ट्र में 66, गुजरात में 33, पश्चिम बंगाल में 32 और तेलंगाना में 25 मामलों में इस नए स्वरूप से संकेत मिले हैं। वहीं अगर नई दिल्ली की बात करें तो अभी कोरोना के 20 मामलों को जांच के दायरे में रखा गया है।
हमारी सहभागी वेबसाइट zeenews की वेबसाइट पर मिली जानकारी के अनुसार एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक सुपर-सुपर म्यूटेंट वायरस है। इसकी खोज साइप्रस के अध्ययनकर्ताओं ने एक महीना पहले ही की थी। खबरों के अनुसार उस समय इसे लैब की तकनीकी खराबी समझा था लेकिन बाद में कई देशों में इसके मामले सामने आने लगे।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कोरोना के दो अलग-अलग वेरिएंट्स से मिलकर बना है और यह कितना खतरनाक हो सकता है इस पर अभी स्टडी चल रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस वेरिएंट के फैलने की शुरुआत इसी साल जनवरी में फ्रांस में हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की साइंटिस्ट मारिया वान करखोव का कहना है कि ओमीक्रॉन और डेल्टा दोनों के मिलकर फैलने की आशंका है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार डेल्टाक्रॉन एक आइब्रिड वेरिएंट है और हो सकता है कि इसमें तेजी से फैलने की क्षमता भी हो। भारत में इससे चौथी लहर आने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। हालांकि, अभी भी इस नए वेरिएंट पर शोध चल रहे हैं और इसलिए इस बात की पूरी तरह से पुष्टि नहीं की जा सकती है कि यह कितनी तेजी से फैलता है और इससे कितने गंभीर लक्षण हो सकते हैं।