
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 23, 2021 12:13 AM IST
Delta Variant Spreading Faster Than Other Variant: एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि, कोरोना वायरस के मूल वेरिएंट से संक्रमित होने वाले लोगों के मुकाबले डेल्टा वेरिएंट की चपेट में आनेवाले पीड़ितों की बॉडी में वायरस अधिक मात्रा में उत्पन्न हो रहे हैं। इसका अर्थ है कि डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति से वायरस का प्रसार अधिक हो सकता है। यह दावा किया गया है चीन के ग्वांगडोंग प्रोविंशियल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के रिसर्चर्स (Guangdong Provincial Center for Disease Control and Prevention in China)द्वारा, जिन्होंने स्टडी के दौरान पाया कि वायरल लोड यानी (शरीर में वायरल कणों का घनत्व) कोविड के मूल वेरिएंट से संक्रमित लोगों की तुलना में डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित लोगों में लगभग 1,000 गुना अधिक होता है। (Delta Variant Spreading Faster Than Other Variant In Hindi)
स्टडी के दौरान लगाए गए अनुमानों के मुताबिक, डेल्टा वेरिएंट कोविड-19 वायरस का कारण यानि सार्स-कोवि-2 के मूल स्ट्रेन के रूप में दोगुने से अधिक हो सकता है। इस वेरिएंट की पहचान दिसंबर 2020 के आसपास भारत में हुई थी और यह अब तक इसके कम से कम 111 देशों में फैलनो की पुष्टि की जा चुकी है।
स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं की टीम ने 62 लोगों को ट्रैक किया। इन सभी प्रतिभागियों के इंफेक्शन पैटर्न की तुलना उन 63 लोगों से की गयी,जो 2020 में सार्स कोवि-2 स्ट्रेन से संक्रमित हुए थे। स्टडी के परिणामों के बारे में बात करते हुए चीन के सीडीसी में महामारी विज्ञानी जिंग लू ने कहा, प्रीप्रिंट पोस्ट किए गए निष्कर्षों से यह पता चलता है कि
(IANS)