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WHO का बयान, दुनियाभर में कोविड के 99 प्रतिशत मामलों के पीछे डेल्टा वेरिएंट, ओमिक्रोन के बारे में और शोध की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि फिलहाल दुनियाभर में मौजूद कुल कोविड-19 मामलों में से 99 प्रतिशत के पीछे डेल्टा वेरिएंट वजह है।  

WHO का बयान, दुनियाभर में कोविड के 99 प्रतिशत मामलों के पीछे डेल्टा वेरिएंट, ओमिक्रोन के बारे में और शोध की ज़रूरत

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 29, 2021 7:03 PM IST

Covid Cases Worldwide:  कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन ओमिक्रोन के कारण दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाए गए इस स्ट्रेन के मामलों की पुष्टि दुनिया के कई अन्य देशों में की जा चुकी है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि फिलहाल दुनियाभर में मौजूद कुल कोविड-19 मामलों में से 99 प्रतिशत के पीछे डेल्टा वेरिएंट वजह है।

सोमवार को दिए एक बयान में डब्ल्यूएचओ की तरफ से कहा गया कि, जहां ओमिक्रॉन कोविड स्ट्रेन के कारण दुनिया हाई अलर्ट पर है, वहीं डेल्टा वेरिएंट ही वह स्ट्रेन है जो कोविड के 99 फीसदी केसेस की वजह है और दुनियाभर में यह कोरोना महामारी के प्रसार की मुख्य वजह बना हुआ है। बता दें कि, ओमिक्रोन सार्स-सीओवी-2 का नवीनतम स्ट्रेन है जो बहुत तेज़ी से दुनियाभर में फैल रहा है। इस वेरिएंट को डेल्टा और कोरोना वायरस के अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक  खतरनाक बताया जा रहा है।

ओमिक्रोन वेरिएंट है चिंता का विषय

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बता दें कि, सप्ताहभर  पहले , विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि सार्स-सीओवी-2 वायरस का नया स्ट्रेन जिसे ओमिक्रोन के नाम दिया गया है वह, वेरिएंट ऑफ कंसर्न या चिंता बढ़ाने वाला वेरिएंट हैं। इसका अर्थ है कि यह वेरिएंट पहले वेरिएंट्स की तुलना में ज़्यादा संक्रामक और खतरनाक साबित हो सकता है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, WHO की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन (Dr. Soumya Swaminathan) ने सोमवार को सीएनबीसी के स्क्वॉक बॉक्स एशिया पर अपने विचार रखे जहां उन्होंने कहा कि, हम जानते हैं कि इस समय, यह डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) है, जो दुनिया भर में महामारी का प्रमुख कारण है। दुनिया भर में 99 प्रतिशत से अधिक मामले डेल्टा वेरिएंट के कारण सामने आए हैं और अधिक मौतें टीकाकरण नहीं होने की वजह से हो रही हैं।

वायरस के म्यूटेशन प्रोफाइल ने बढ़ायी चिंता

25 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में क्वाजुलु-नेटाल विश्वविद्यालय में एक संक्रामक-रोग चिकित्सक रिचर्ड लेसेल्स ने कहा था, इस वेरिएंट के बारे में बहुत कुछ हमें भी समझ में नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, म्यूटेशन प्रोफाइल ने हमारी चिंता बढ़ाई है, लेकिन अब हमें इस वेरिएंट के महत्व को समझने के लिए काम करने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओमिक्रॉन को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि बताया जा रहा है कि यह अपने रूप बदलता है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वेरिएंट कितना पारगम्य यानी फैलने की क्षमता रखता है और इस बात भी अभी कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या यह बीमारी की गंभीरता को बढ़ाएगा।

डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा सहित अन्य वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन अधिक पारगम्य (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अधिक आसानी से फैलना) है।

यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा सहित अन्य वेरिएंट या प्रकारों के संक्रमण की तुलना में ओमिक्रॉन के साथ संक्रमण अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है।

दक्षिण अफ्रीका में संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जहां ओमिक्रॉन सबसे पहले पाया गया था। लेकिन यह ओमिक्रॉन के साथ विशिष्ट संक्रमण के परिणाम के बजाय, संक्रमित होने वाले लोगों की कुल संख्या में वृद्धि के कारण भी हो सकता है।

स्वामीनाथन ने कहा कि वेरिएंट को समझने के लिए वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं और अधिक से अधिक जानकारी एकत्रित कर रहे हैं।

मौजूदा वैक्सीन कुछ हद तक कारगर

स्वामीनाथन ने यह भी कहा कि, यह भी एक  बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या यह वेरिएंट प्राकृतिक संक्रमण के बाद या वैक्सीन लेने के बाद बने इम्यून रिस्पॉन्स से बचने में सक्षम है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्तमान में, यह मान लिया जाना चाहिए कि मौजूदा टीके कुछ तो सुरक्षा जरूर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर नए स्ट्रेन के खिलाफ पूर्ण सुरक्षा नहीं है, तो कम से कम फिलहाल हमारे पास मौजूद वैक्सीन कुछ सुरक्षा तो जरूर प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा, यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि ऐसा कोई व्यक्ति जिसने अभी भी वैक्सीन नहीं ली है, या फिर जिसने केवल एक खुराक प्राप्त की है, उसे टीकाकरण का पूरा कोर्स करना चाहिए।

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(आईएएनएस)