Delta variant: वैक्‍सीन लगा चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है डेल्‍टा वेरिएंट, ICMR ने स्‍टडी में कहीं हैं बड़ी बातें

Delta Variant Infects Both Vaccinated & Unvaccinated People: स्‍टडी में कहा गया है कि डेल्‍टा वेरिएंट वैक्‍सीन लगा चुके लोगों के लिए भी उतना ही संक्रामक है जितना कि कोरोना की पहली डोज भी न लिए हुए लोगों के लिए है.

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 19, 2021 11:02 AM IST

डेल्‍टा वेरिएंट (Delta variant) समय के साथ और भी ज्‍यादा पावरफुल होता जा रहा है। जैसे-जैसे कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट पर रिसर्च हो रही है वैसे-वैसे पता चल रहा है कि ये कितना खतरनाक और जानलेवा है। हाल ही में ICMR द्वारा चेन्‍नई में की गई स्‍टडी में कहा गया है कि डेल्‍टा वेरिएंट वैक्‍सीन लगा चुके और अभी तक वैक्‍सीन नहीं लगाए हुए दोनों तहर के लोगों को संक्रमित कर सकता है। स्‍टडी में साफ कहा गया है कि डेल्‍टा वेरिएंट इतना पावरफुल है कि वैक्‍सीनेट और अनवैक्‍सीनेट दोनों तरह के लोगों को संक्रमित कर सकता है। इस स्‍टडी को नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी की इंस्‍टीट्यूशनल एथिक्‍स कमेटी द्वारा अप्रूव किया गया है, जो द जर्नल ऑफ इंफेक्‍शन में 17 अगस्‍त को पब्लिश हुई है। स्‍टडी में कहा गया है कि डेल्‍टा वेरिएंट वैक्‍सीन लगा चुके लोगों के लिए भी उतना ही संक्रामक है जितना कि कोरोना की पहली डोज भी न लिए हुए लोगों के लिए है। हालांकि जिन लोगों ने वैक्‍सीन लगा ली है उन्हें अपेक्षाकृत इसका कम खतरा है।

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देश में बढ़ते जा रहे हैं डेल्‍टा वेरिएंट के केस

कोरोनावायरस (Covid-19) के खतरनाक डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) के मामले पूरे देश में धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे हैं। देश में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंटके लगभग 80 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल आदि शामिल हैं। डेल्टा प्लस वेरिएंट की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं साथ ही जरूरी सुविधाएं बढ़ाने को भी कहा है। हैरानी की बात ये है कि डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के भी 3 नए स्‍ट्रेन (New strain of Delta-plus Variant) आ चुके हैं। महराष्‍ट्र में 66 ऐसे मामले मिले हैं जिनमें डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के अलग-अलग स्‍ट्रेन मिलने की बात कही है। पिछले दिनों जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्‍य में डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के 66 ऐसे केस मिले हैं जिनमें Ay.1, Ay.2 और Ay.3 स्‍ट्रेन मिला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस से डेल्‍टा वेरिएंट बना, फिर उससे डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट सामने आया और अब डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के भी 13 स्‍ट्रेन की पुष्टि हो चुकी है जो Ay.1, Ay.2, Ay.3, Ay.4 से लेकर Ay.13 तक चलते हैं। इनमें शुरु के 3 वेरिएंट अब तक महाराष्‍ट्र में मिल चुके हैं। इन नए स्‍ट्रेन पर हुई अब तक की स्‍टडी से पता चलता है कि डेल्‍टा की तरह ये भी बहुत तेजी से फैलने वाले हैं।

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डेल्‍टा वेरिएंट के बारे में अभी जानकारी का अभाव

एम्स प्रमुख डॉ. गुलेरिया ने कुछ दिनों पहले कहा था कि क्‍योंकि अभी कोरोना के डेल्‍टा वेरिएंट के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन हां कोरोना प्रोटोकॉलका पालन करना जरूरी है, जब तक बहुत जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें।

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