
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 4, 2021 1:10 PM IST
Delta Variant and Covid-19 Vaccine: कोविड-19 रिकवरी के बाद कोविड-19 वैक्सीन लेने वाले लोगों में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ इम्यूनिटी बन सकती है। एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस वैक्सीन की एक या दो खुराकें लेने के बाद लोगों को संक्रामक डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ अधिक सुरक्षा मिल सकती है। हाल ही में इस स्टडी को ‘बायोरेक्सिव प्रीप्रिंट सर्वर’ पर प्रकाशित किया गया है। (Delta Variant and Covid-19 Vaccine in Hindi)
मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research), पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान National Institute of Virology) और न्यूरोसर्जरी विभाग (Department of Neurosurgery) ने कमांड हॉस्पिटल (Command Hospital ,Southern Command) और , आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज, पुणे (Armed Forces Medical College) के शोधकर्ताओ के साथ मिलकर कोविड-19 संक्रमण और कोविशील्ड वैक्सीन के प्रभावों (impact of Covishield) को जांचने के लिए एक स्टडी की है। स्टडी में पाया गया कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान सामने आया। इस वैरिएंट ने लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
गौरतलब है कि डेल्टा वैरिएंट की संक्रामता दूसरे वैरिएंट्स से अधिक बतायी जा रही है और इसी आधार पर कुछ समय पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा वैरिएंट के लगातार बढ़ते मामलों पर चिंता भी जतायी थी। WHO ने इस वैरिएंट को यूरोपीय देशों में कोरोना संक्रमण की अगली लहर की वजह बनने की भी आशंका व्यक्त की थी।
स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत की स्वदेशी वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) की एक या दो खुराकें लेने वाले ऐसे व्यक्ति जो, हाल ही में कोरोना संक्रमण से उबरे हैं, वो डेल्टा वैरिएंट से अधिक सुरक्षित हैं। वहीं, यूरोपियन मेडिकल एजेंसी (European Medical Agency) ने भी बयान दिया है कि कोविड-19 वैक्सीन की 2 खुराकें लेने की रणनीति डेल्टा वैरिएंट्स से सुरक्षा और बचाव के लिहाज से अधिक कारगर और प्रभावी साबित हो सकती है।