Delta Plus variant से डरना पड़ेगा, कोरोना के शुरुआती वायरस से 170% है ज्‍यादा खतरनाक, जानिए इसके लक्षण

डॉक्‍टर बजाज का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि एग्‍जिस्‍टिंंग वैक्‍सीन (Existing Vaccine) डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट (Delta Plus variant) पर भी काम करेगी या नहीं। क्‍योंकि अभी यह देखने की जरूरत है कि कोरोना का ये नया वेरिएंट इम्‍युन सिस्‍टम पर क्‍या प्रभाव डालता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : June 25, 2021 10:31 AM IST

Delta Plus variant In India: कोरोनावायरस का नया वेरिएंट डेल्‍टा प्‍लस काफी खतरनाक है। भारत के मध्‍य प्रदेश में अब तक डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के 7 केस मिल चुके हैं जिसमें से 2 लोगों की मौत हो गई है। एक्‍सपर्ट का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट (B.1.617.2) अब तक आए कोरोना के सभी वेरिएंट से लगभग 170% ज्‍यादा खतरनाक है। सिर्फ यही नहीं एक्‍सपर्ट संभावना जता रहे हैं कि डेल्‍टा वेरिएंट वैक्‍सीन और मजबूत इम्‍युनिटी को भी चकमा दे सकता है। IGIB के निदेशक डॉक्टर राजेश पांडेय का कहना है कि लैब में हुई रिसर्च में हेल्‍थ एक्‍सपर्ट का यह पता चला है कि डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट इतना स्‍ट्रॉंग है कि वैक्‍सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी इसका बेअसर होना मुश्किल है। सिर्फ यही नहीं, डेल्टा वेरिएंट अल्फा से भी 60% ज्यादा संक्रामक है और ज्यादा तेजी से फैलता है।

कैसे दिखते हैं डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के लक्षण (Delta Plus variant Symptoms)

UK के ZOE एप के अनुसार, कोरोना के डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के लक्षणो में सिर में दर्द, गले में दर्द और खराश, नाक का बहना और बुखार शामिल है। डॉक्‍टर बजाज का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि एग्‍जिस्‍टिंंग वैक्‍सीन (Existing Vaccine) डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट (Delta Plus variant) पर भी काम करेगी या नहीं। क्‍योंकि अभी यह देखने की जरूरत है कि कोरोना का ये नया वेरिएंट इम्‍युन सिस्‍टम पर क्‍या प्रभाव डालता है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण का कहना है कि डेल्‍टा वेरिएंट के खिलाफ कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन दोनों प्रभावी हैं।

डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट के बारे में क्‍या जानकारी है? (What Is Known So Far Delta Plus variant)

डेल्टा या B.1.617.2 वेरिएंट में परिवर्तन के कारण नया डेल्टा प्लस वेरिएंट बना है।

डेल्टा प्लस (AY.1) मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल के लिए प्रतिरोधी है।

क्‍योंकि यह एक नया वेरिएंट है इसलिए इसकी गंभीरता का अभी तक पता नहीं है।

GISAID (द्वारा अब तक नए K417N वेरिएंट के साथ डेल्टा (B.1.617.2) के 63 जीनोम की पहचान की गई है।

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