Delhi Schools Reopening: दिल्ली में आज से खुल रहे हैं नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास तक के स्कूल, बच्चों की सुरक्षा के लिए इन सेफ्टी टिप्स का पालन कर सकते हैं पेरेंट्स

राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास के बच्चों की फिजिकल क्लासेस आज से शुरू हो रही हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 14, 2022 12:40 PM IST

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी आने के साथ देश के कई हिस्सों में स्कूलों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दिल्ली में आज से (सोमवार 14 फरवरी) से नर्सरी से आठवीं क्लास तक के स्कूल (Delhi Schools Reopening Updates) खोले जा रहे हैं। दिल्ली राज्य सरकार की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। बता दें कि, कोरोना महामारी की शुरूआत के साथ ही देशभर में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। लेकिन, अब धीरे-धीरे इन स्कूलों को खोला जा रहा है। बता दें कि पहले दिल्ली राज्य में केवल 8वीं क्लास से बड़े बच्चों के स्कूल खोले गए थे लेकिन सोमवार से यहां सभी स्कूलों को पूरी तरह खोल दिया गया। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास के बच्चों की फिजिकल क्लासेस आज से शुरू हो रही हैं। (Delhi Schools Reopening Updates In Hindi)

स्कूल लौट रहे बच्चों के लिए सेफ्टी टिप्स

कोरोना संक्रमण की चपेट में आने का खतरा छोटे बच्चों को अधिक होता है। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद भी बच्चों की देखभाल और उनकी सुरक्षा के लिए माता-पिता को विशेष सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। जिन माता-पिता के बच्चे स्कूल लौट रहे हैं वे बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का ध्यान रख सकते हैं।

स्कूल में क्या करें और क्या ना करें

  • बच्चों को हाइजिन से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाने में मदद करें। उन्हें बताएं कि  कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण से बचाने के लिए हाथों को अच्छी तरह से धोना की जरूरत को समझाना जरूरी है। इसके साथ ही साबुन से हाथ धोते समय हाथों को 20-3 सेकेंड्स तक मलने और उसके बाद साफ पानी से हाथ धोना सिखाएं।
  • कुछ भी खाने-पीने से पहले हाथों को साबुन से धोना चाहिए या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • छोटे बच्चों को रूमाल और टिश्यू पेपर इस्तेमाल करना सिखाएं। ताकि, जब वे खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों की बजाय टिश्यू पेपर और रूमाल का इस्तेमाल कर सकें।
  • बच्चों को सिखाएं कि संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें अपने दोस्तों के साथकुछ समय के लिए अपनी चीजें शेयर नहीं करती हैं। एक ही बोतल से पानी पीना या एक-दूसरे का झूठा खाने की आदतें भी बच्चों में काफी अधिक होती हैं, उन्हें ऐसा करने से मना करें।

घर पर रखें इन बातों का ध्यान

  • अक्सर माता-पिता छोटे बच्चों के स्कूल से लौटने के बाद उन्हें गोद उठाते हैं, गले लगाते हैं या सिर पर हाथ फेरते हैं, लेकिन, संक्रमण को ध्यान में रखते हुए स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे को गोद में उठाने की जल्दबाजी ना करें। उन्हें पहले हाथ-पैर धोने ( हो सके तो नहाने) के लिए कहें।
  • कपड़े बदलने के बाद ही बच्चे को कुर्सी या बिस्तर पर बैठने के लिए कहें।
  • हाथों का साफ-सफाई के बाद बच्चे को खाना खाने के लिए परोसें।
  • स्कूल जाने वाले बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें। उनका रेगुलर चेकअप कराएं। बॉडी टेम्परेचर के अलावा, सर्दी-जुकाम और खांसी जैसे लक्षण दिखने पर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएं।
  • बच्चों के वैक्सीनेशन का ट्रैक रखें और फ्लू जैसी मत्वपूर्ण बीमारियों के वैक्सीन लगवाएं।
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