
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 1, 2021 3:25 PM IST
कोरोना से संबंधित सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
कोरोना के चलते लंबे लॉकडाउन के बाद दिल्ली (Delhi Lockdown) के कुछ आज से यानि कि 1 सितंबर से खुलने जा रहे हैं। फिलहाल केवल 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। हालांकि दिल्ली के कई स्कूल ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी भी कोरोना केसों में उछाल आने के डर से कुछ हफ्तों तक और स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है। न्यूज एजेंसी ANI के साथ बातचीत में एक 12वीं कक्षा के स्टूडेंट ने कहा कि फिजिकल क्लॉसेस ऑनलाइन क्लॉसेस की तुलना में काफी बेहतर हैं। मैं और मेरे सभी दोस्त इसी दिन का इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा, एक 10वीं क्लास के स्टूडेंट ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हमें डरने की हमें डरने की जरूरत है लेकिन आखिरकार हमें पढ़ाई करनी है और परीक्षा देनी है।
बताते चलें कि राजधानी में कोरोना मामलों में गिरावट देखते हुए दिल्ली के स्कूल, कॉलेज और कोचिंग इंस्टीट्यूट को 1 सितंबर से खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर किसी बच्चे के पेरेंट्स की मर्जी नहीं होगी तो टीचर्स बच्चे को स्कूल बुलाने के लिए जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं। बच्चे को फिजिकल क्लास के लिए बुलाने पर पेरेंट्स की मर्जी अनिवार्य होगी। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) पहले ही ट्वीट कर कह चुके हैं "टीम एजुकेशन" स्कूलों को कोरोना प्रोटोकॉल के साथ खोलने के लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं। वहीं, एक टॉप स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है "अभी तक केवल 20% बच्चों ने अपने पेरेंट्स का कॉनसेंट फॉर्म भेजा है। जब तक 50% बच्चों की स्ट्रेंथ नहीं हो जाती तब तक हम इंतजार करेंगे।"
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने सोमवार को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को फिर से खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली के स्कूलों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को जिन गाइडलाइंस का पालन करना है वो निम्न हैं-