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Written By: Anshumala | Published : November 2, 2020 9:41 PM IST
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए इसी सप्ताह बन जाएंगे प्रदूषण रोकने वाले नए नियम-कायदे।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण (Delhi-NCR Pollution) रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ऑर्डिनेंस के जरिए जिस नए कमीशन को बनाने को मंजूरी दी है, उसके नियम-कायदे हफ्ते भर में बनकर तैयार हो जाएंगे। इसी के साथ सलेक्शन कमेटी की ओर से एक चेयरपर्सन सहित 17 सदस्यों की नियुक्ति की भी कवायद चल रही है। 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन नेशनल कैपिटल रीजन एंड ऐडज्वाइनिंग एरियाज' के अध्यक्ष पद पर सेक्रेटरी या चीफ सेक्रेटरी रैंक का व्यक्ति बैठेगा, जिसकी अधिकतम उम्र 70 वर्ष होगी।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सूत्रों ने बताया, "ऑर्डिनेंस से कमीशन को मंजूरी मिलने के बाद अभी इसके पूरी तरह अस्तित्व में आने के लिए दो बड़े काम होने बाकी हैं। पहला, कमीशन से जुड़े नियम-कायदे बनाना। मसलन, कि कमीशन किस तरह से कार्य करेगा और किसी मामले में कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा। दूसरा अहम कार्य है कमीशन में अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों की नियुक्तियों का। दोनों बिंदुओं पर एक साथ काम चल रहा है। शुक्रवार तक इस बारे में अच्छी खबर आ सकती है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण (Delhi-NCR Pollution in hindi) रोकने के लिए बनने जा रहे इस नए आयोग के नियम-कायदे इसी हफ्ते पूरा कर लेने की उम्मीद है।"
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बीते 29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर और इससे सटे हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के हिस्सों में प्रदूषण रोकने के लिए एक नए कमीशन बनाने के एलान किया था। कहा था कि केंद्र सरकार ने ऑर्डिनेंस के जरिए कमीशन बनाने को मंजूरी दी है। यह कमीशन दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने में काफी कारगर होगा।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस नए आयोग में दिल्ली (Delhi), हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह आयोग केंद्र और राज्य सरकारों सहित सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर प्रदूषण रोकने की दिशा में कार्य करेगा। प्रदूषण (Pollution) फैलाने वालों पर एक करोड़ रुपये जुर्माना और पांच साल की सजा देने का अधिकार इस कमीशन को होगा। इस कमीशन के गठन के बाद दिल्ली-एनसीआर में पहले कार्य कर रहा पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) निष्प्रभावी हो जाएगा।