... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: IANS | Published : November 1, 2019 4:47 PM IST
A Central Pollution Control Board official said the AQI entered the "severe-plus" or "emergency" category late on Thursday night, the first time since January this year.
पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर (Delhi air pollution) में वायु आपातस्थिति की घोषणा कर दी, जिसके बाद राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद करने के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए ट्वीट किया, "पराली के धुंए के कारण दिल्ली में प्रदूषण (Delhi pollution) उच्च स्तर पर पहुंच गया है, इसलिए सरकार ने सभी स्कूलों को पांच नवंबर तक बंद रखने के का निर्णय लिया है।"
दिल्ली में पराली के बढ़ते धुएँ के चलते प्रदूषण का स्तर बहुत ज़्यादा बढ़ गया है. इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि दिल्ली के सभी स्कूल 5 नवम्बर तक बंद रहेंगे
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) 1 November 2019
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र(Delhi-NCR pollution) में 31 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता गिरकर 410 पर पहुंच जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एक समिति ने जन स्वास्थ्य आपातस्थिति की घोषणा कर दी है। एक्यूआई के 400 स्तर को गंभीर माना जाता है और दिल्ली का एक्यूआई लगातार पांच दिनों से गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। आपातस्थिति की घोषणा के साथ ही ईपीसीए ने पांच नवंबर तक सभी निर्माण कार्यो पर भी रोक लगा दी है।
Air Pollution Hazards : जानें, वायु प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव, बचने के उपाय
यहां स्थित अमेरिकी दूतावास के अनुसार, शुक्रवार अपराह्न् एक बजे पीएम 2.5 का स्तर 450 था। अमेरिकी दूतावास के पास सुबह नौ बजे से दोपहर 12 तक की रीडिंग नहीं है, क्योंकि संभवत: पीएम 2.5 का स्तर 500 से ऊपर चला गया था, जिसकी माप वे नहीं कर पाते। 500 से ऊपर की गणना एक्यूआई से बाहर चली जाती है।
वायु प्रदूषणपर नियंत्रण के लिए विभिन्न दिशानिर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन मौसम की स्थिति इस मामले में ज्यादा मायने रखती है और रविवार के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदूषकों में बिखराव होगा, जो इस समय एक साथ जमा हो गए हैं।
सफर इंडिया के अनुसार, पीएम 10 का मान पहले बहुत खराब स्थिति में था, जो अब गंभीर श्रेणी में 555 के स्तर पर है। पीएम 2.5 383 के स्तर पर लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।