Delhi Air Pollution: 'गैस चैंबर' बनी दिल्ली, जहरीली हवा में सांस लेने से फूल रहा है लोगों का दम

Delhi Air Pollution: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 422 से ज्यादा दर्ज किया गया है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : November 3, 2025 10:39 AM IST

Delhi Air Pollution Quality of Air is very Poor: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण की चादर की गिरफ्त में हैं। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोगों को खुली हवा में सांस लेने दूभर हो रहा है। दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है। सोमवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है।

दिल्ली की हवा हुई जहरीली

CPCB की रिपोर्ट के अनुसार, सोमावर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। दिल्ली के अक्षरधाम, गोकुलपुरी, आनंद विहार और आस-पास के इलाकों में AQI 347 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। दिल्ली की जहरीली हवा के कारण लोगों का सांस लेना तक दुभर हो चुका है।

कोहरा नहीं प्रदूषण की चादर में लिप्टी दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण का कहर कितना है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह आंख खुलते ही लोगों को कोहरा नजर आता है। लेकिन ये कोहरा नहीं बल्कि प्रदूषण की परत है जो हवा में फैली हुई है और लोगों का सांस लेना मुहाल कर रही है।

प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव

दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। पहले सरकार ने आर्टिफिशियल बारिश करवाने की कोशिश की। वहीं, अब वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जगह-जगह पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लोधी रोड में ट्रक से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पानी के छिड़काव से प्रदूषण को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

वायु प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियां

वायु प्रदूषणके कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। इसमें शामिल हैः

  1. अस्थमा (Asthma): प्रदूषित हवा फेफड़ों में सूजन पैदा करती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है।
  2. ब्रोंकाइटिस (Bronchitis): हवा में मौजूद धूल और रासायनिक तत्व श्वसन नलिकाओं को संक्रमित करते हैं।
  3. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD): लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से फेफड़ों की क्षमता घट जाती है।
  4. फेफड़ों का संक्रमण (Lung Infection): कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में लगातार खांसी, बलगम और सांस फूलना जैसी समस्या होती है।

इसके अलाव वायु प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा भी रहता है।

वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय (How to Protect Yourself)

  • घर से निकलते समय मास्क पहनें (N95 या N99)।
  • घर में एयर प्यूरिफायर या पौधे जैसे मनी प्लांट, पीस लिली रखें।
  • सुबह-शाम घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें जब प्रदूषण ज्यादा हो।
  • पर्याप्त पानी पिएं और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें।

Highlights

  • दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 422 से ज्यादा हो गया है।
  • अक्षरधाम और AIIMS जैसे इलाकों में AQI बहुत खराब है।
  • खराब हवा में सांस लेने से लोगों को बीमारियां हो रही हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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