
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : November 13, 2025 11:51 AM IST
Delhi Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। देश की राजधानी दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में शुमार आनंद विहार में अब प्रदूषण पर काबू पाने के लिए 78 विशेष टीमें गठित की गई हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये टीमें दिल्ली सरकार, नगर निगम, पर्यावरण विभाग और ट्रैफिक पुलिस का एक मिलाजुला हिस्सा हैं। इस टीम का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता (AQI) को बेहतर बनाना और प्रदूषण के स्रोतों पर सीधे नियंत्रण करना है।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि इन 78 टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि प्रदूषण के हर कारण पर एक साथ नियंत्रण किया जा सके। इन टीमों का काम विभिन्न प्रकार में बांटा गया है।
- सड़क, निर्माण स्थलों और खुले मैदानों में पानी का छिड़काव किया जाएगा। एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
- निर्माण कार्यों के दौरान धूल उड़ने से रोकने के लिए ग्रीन नेट और कवरिंग सिस्टम की जांच होगी। नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- पुराने और डीजल वाहनों की विशेष चेकिंग होगी। PUC सर्टिफिकेट न होने पर चालान काटा जाएगा। साथ ही Odd-Even जैसे अस्थायी उपाय भी लागू किए जा सकते हैं।
- ये टीम दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जलाए गए कचरे के खिलाफ भी तुरंत करवाई करेगी। एनवायरमेंट मार्शल मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग करके रिपोर्ट देंगे। ताकि कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न आए।
- इंडस्ट्रियल यूनिट्स में स्मोक एमिशन की जांच की जाएगी। अगर किसी संयंत्र के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, तो उन्हें बंद करवाने तक का फैसला ये टीमें ही करेंगी।
- प्रदूषण का प्रभाव लोगों की सेहत पर कम से कम हो सके, इसके लिए ये टीमें लोगो को मास्क पहनने, सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करने और घर पर में एयर प्यूरीफायर लगाने के लिए भी प्रेरित करेंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में तैनात की गई ये टीमें हर टीम अपने क्षेत्र में दिन में दो बार निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट सीधे ग्रीन वार रूम में भेजेगी। ये रिपोर्ट दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और पर्यावरण विभाग के कंट्रोल रूम में रीयल-टाइम मॉनिटर की जाएगी। इसके अलावा, CCTV कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और AQI मॉनिटरिंग मशीन भी इस्तेमाल की जाएगी।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट कहा है कि प्रदूषण रोकने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। साथ ही, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और दिल्ली को स्वच्छ बनाने में सहयोग दें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।