Mid-Day Meal In Delhi Schools: अब दिल्ली के स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील का होगा क्वालिटी चेक, एजुकेशन डिपार्टमेंट का बड़ा फैसला

मिली जानकारी के अनुसार, अब स्कूलों में बच्चों को परोसने से पहले भोजन की दो बार जांच की जाएगी। 

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : June 10, 2022 1:41 PM IST

Mid-Day Meal Quality Check In Delhi Schools: प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Scheme) के तहत दिल्ली के स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे है मिड-डे मील (mid-day meal) की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष कदम उठाने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि राजधानी के सरकारी स्कूलों में बच्चों को जो खाना परोसा जाता है उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए कुछ एजेंसियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, अब स्कूलों में बच्चों को परोसने से पहले भोजन की दो बार जांच की जाएगी।  जिसमें मिड-डे मील पकाने से पहले एक बार कच्चे सामान की जांच होगी और खाना पकने के बाद और बच्चों को परोसने से पहले दोबारा उनकी जांच की जाएगी।  (Mid-Day Meal Quality Check In Delhi Schools In Hindi)

बच्चों को पौष्टिक और क्वालिटी फूड परोसना है मकसद

राज्य के शिक्षा विभाग (education depeartment) की तरफ से यह निर्णय लिया गया है कि ये एजेंसियां एक निश्चित अंतराल के बाद  एफसीआई के फूड स्टोरेज गोदामों (FCI Godown) और उन  एनजीओ के किचन्स से पके हुए भोजन के सैम्पल्स इकट्ठा करेंगी जिन्हें आंगनवाडी और सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए मिड-डे मील पकाने की ज़िम्मेदारी दी गयी है।बता दें कि प्रधान मंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman ) के तहत दिल्ली के तकरीबन 1200 स्कूलों के 8 लाख से अधिक बच्चों को दिन में एक बार पका हुआ भोजन परोसा जाता है। इस योजना के तहत भोजन पकाने के लिए दिल्ली में लगभग 39 किचन्स को यह जिम्मेदारी दी गयी है। मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ना केवल फूड क्वालिटी चेक करने की योजना बना रहा है। बल्कि, इसके साथ ही मिड-डे मील में परोसे जाने वाले भोजन में फैट (fats), डाइटरी प्रोटीन (protein) और कार्ब्स (Carbs) की मात्रा की भी जांच की जाएगी।

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