चीन के HMPV वायरस पर दिल्ली में क्यों हुई एजवाइजरी जारी? पढ़ें क्या कह गया स्वास्थ्य मंत्रालय

HMPV In China : चीन में कोरोनावायरस के बाद अब HMPV वायरस ने दस्तक दी है। इसके बाद दिल्ली में भी एजवाइजरी जारी की गई है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

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Written By: Mishra Kishori | Updated : January 6, 2025 12:27 PM IST

HMPV In China : कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में 70 लाख से भी अधिक लोगों की मौते हुई है, जिसके 5 साल बार एक और वायरस चीन में दस्तक दे दी है। इसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी (HMPV) कहा जा रहा है। इस वायरस से संक्रमित लोगों को सांस लेने में तकलीफ, बुखार और फ्लू जैसे अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं। चीन के बाद अब दिल्ली के मेडिकल ऑफिसर्स ने इस वायरस से निपटने के लिए एडवाजरी जारी की है।

रविवार को हुई मीटिंग

रविवार को हेल्थ सर्विस की डायरेक्टर जनरल डॉ. वंदना बग्गा ने मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों और IDSP के राज्य कार्यक्रम अधिकारियों के साथ मीटिंग की, जिसमें दिल्ली में सांस से जुड़ी बीमारियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई है। इसके तहत अस्पतालों को निर्देश जारी किया गया है कि इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों की जानकारी तुरंत IHIP पोर्टल के जरिए तुरंत दिया जाए।

संदिग्ध मामलों के लिए सख्त आइसोलेशन प्रोटोकॉल और सावधानियों का उपयोग तुरंत और जरूरी कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अस्पतालों को सटीक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए SARI मामलों और लैब के पुष्टि किए गए इन्फ्लूएंजा मामलों का उचित डॉक्यूमेंटेशन बनाए रखना जरूरी कर दिया गया है।

पैनिक होने की नहीं है जरूरत

डॉ. अंबाडेकर ने कहा, "नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है और अधिकारियों को एसएआरआई और आईएलआई मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।"

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को आश्वस्त किया है कि चीन में एचएमपीवी के मामलों को लेकर घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और नागरिकों को घबराना नहीं चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक महाराष्ट्र में एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है।

नीदरलैंड में हुई थी पहली रिपोर्ट

एडवाइजरी में बताया गया है कि चीन में एचएमपीवी के प्रकोप की खबरें सामने आई हैं। यह वायरस तीव्र श्वसन संक्रमण का एक महत्वपूर्ण कारण है और इसकी पहली बार रिपोर्ट और पहचान 2001 में नीदरलैंड में की गई थी। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है जो मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण का कारण बनता है।